पाकुड़ में हूल दिवस पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर शहर के सिद्धू-कान्हू मुर्मू पार्क में मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां वीर शहीदों को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम में विभिन्न राजनीतिक दलों, प्रशासनिक अधिकारियों, आदिवासी संगठनों और सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सभी ने पार्क में स्थापित सिद्धू-कान्हू और चांद-भैरव की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। पुलिस अधीक्षक अनुदीप सिंह, उप विकास आयुक्त अरविंद कुमार लाल सहित जिला प्रशासन के कई अधिकारियों ने भी श्रद्धासुमन अर्पित किए और शहीदों के बलिदान को याद किया। पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए लोग हूल दिवस के उपलक्ष्य में शहर में विभिन्न आदिवासी संगठनों और राजनीतिक दलों द्वारा भव्य जुलूस निकाले गए। इन जुलूसों में बड़ी संख्या में आम लोगों की भागीदारी देखी गई। जुलूस में सिद्धू-कान्हू और चांद-भैरव की आकर्षक झांकियां भी शामिल थीं, जो लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। आदिवासी छात्र-छात्राओं और संगठनों ने पारंपरिक वेशभूषा में रैली निकाली और सिद्धू-कान्हू मुर्मू पार्क पहुंचकर कार्यक्रम में हिस्सा लिया। पूरे रास्ते नारेबाजी और सांस्कृतिक उत्साह देखने को मिला, जिससे शहर का माहौल उत्सवमय हो गया। मिटिलो टावर का भी किया दर्शन कार्यक्रम के दौरान आदिवासी समाज के लोगों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना की और क्रांतिकारियों की प्रतिमाओं पर फूल अर्पित किए। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं भी इस आयोजन में शामिल हुए और शहीदों के योगदान को याद किया। इस अवसर पर लोगों ने सिद्धू-कान्हू पार्क परिसर में स्थित ऐतिहासिक मिटिलो टावर का भी दर्शन किया। हूल दिवस से जुड़े इस स्थल का विशेष महत्व माना जाता है, जिसके कारण लोगों में इसे लेकर खास उत्साह देखने को मिला।
पाकुड़ में धूमधाम से मनाया गया हूल दिवस:सिद्धू-कान्हू मुर्मू पार्क में शहीदों को किया गया याद, पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए लोग
पाकुड़ में हूल दिवस पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर शहर के सिद्धू-कान्हू मुर्मू पार्क में मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां वीर शहीदों को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम में विभिन्न राजनीतिक दलों, प्रशासनिक अधिकारियों, आदिवासी संगठनों और सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सभी ने पार्क में स्थापित सिद्धू-कान्हू और चांद-भैरव की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। पुलिस अधीक्षक अनुदीप सिंह, उप विकास आयुक्त अरविंद कुमार लाल सहित जिला प्रशासन के कई अधिकारियों ने भी श्रद्धासुमन अर्पित किए और शहीदों के बलिदान को याद किया। पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए लोग हूल दिवस के उपलक्ष्य में शहर में विभिन्न आदिवासी संगठनों और राजनीतिक दलों द्वारा भव्य जुलूस निकाले गए। इन जुलूसों में बड़ी संख्या में आम लोगों की भागीदारी देखी गई। जुलूस में सिद्धू-कान्हू और चांद-भैरव की आकर्षक झांकियां भी शामिल थीं, जो लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। आदिवासी छात्र-छात्राओं और संगठनों ने पारंपरिक वेशभूषा में रैली निकाली और सिद्धू-कान्हू मुर्मू पार्क पहुंचकर कार्यक्रम में हिस्सा लिया। पूरे रास्ते नारेबाजी और सांस्कृतिक उत्साह देखने को मिला, जिससे शहर का माहौल उत्सवमय हो गया। मिटिलो टावर का भी किया दर्शन कार्यक्रम के दौरान आदिवासी समाज के लोगों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना की और क्रांतिकारियों की प्रतिमाओं पर फूल अर्पित किए। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं भी इस आयोजन में शामिल हुए और शहीदों के योगदान को याद किया। इस अवसर पर लोगों ने सिद्धू-कान्हू पार्क परिसर में स्थित ऐतिहासिक मिटिलो टावर का भी दर्शन किया। हूल दिवस से जुड़े इस स्थल का विशेष महत्व माना जाता है, जिसके कारण लोगों में इसे लेकर खास उत्साह देखने को मिला।
