कोलकाता से अमित शर्मा की रिपोर्ट
Bengal News: पश्चिम बंगाल के संदेशखाली से इंसानियत को झकझोर देने वाली तस्वीर सामने आयी है. इलाके की जर्जर सड़क व्यवस्था ने लोगों की परेशानी को चरम पर पहुंचा दिया है. हालत ऐसी हो गयी है कि एम्बुलेंस का पहुंचना तो दूर, सामान्य लोगों के लिए पैदल चलना भी बेहद कठिन हो गया है. मजबूर होकर एक बीमार व्यक्ति को उसके परिजनों ने जूट की बोरी में लटकाकर अस्पताल पहुंचाया. यह दृश्य सामने आते ही इलाके में भारी नाराजगी फैल गयी. स्थानीय लोग खराब सड़क व्यवस्था के लिए पूर्व तृणमूल शासनकाल की भ्रष्टाचारपूर्ण नीतियों को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं.
इलाके में रहते हैं करीब 30 परिवार
घटना उत्तर 24 परगना संदेशखाली ब्लॉक-1 के सेहेरा-राधानगर ग्राम पंचायत के 132 नंबर बूथ क्षेत्र की है. यहां करीब 20 से 30 परिवार रहते हैं. उनके आवागमन के लिए यही एकमात्र सड़क है, लेकिन वर्षों से मरम्मत न होने के कारण सड़क की हालत बेहद खराब हो चुकी है. बरसात के मौसम में यह समस्या और भी विकराल रूप ले चुकी है. कीचड़, गड्ढों और धंसते रास्तों के कारण सड़क अब जानलेवा बन गयी है.
2009 में सड़क टूटते के बाद अब नहीं बनी
स्थानीय लोगों का कहना है कि साल 2009 में आये चक्रवात आने के बाद से इस सड़क की ढंग से मरम्मत नहीं हुई. समय बीतने के साथ सड़क लगातार टूटती गयी. ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क के किनारे मौजूद तालाबों से गहरे गड्ढे खोदकर मिट्टी निकाली गयी, जिसके कारण सड़क का बड़ा हिस्सा टूटकर धंस गया. कई जगह सड़क इतनी संकरी हो गयी है कि वहां से गुजरना भी जोखिम भरा हो गया है.
मरीज को टांग कर ले जाना मजबूरी
गत मंगलवार को जब एक गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति को अस्पताल ले जाने की नौबत आयी, तब परिवार के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गयी. सड़क की बदहाल स्थिति के कारण न तो एम्बुलेंस गांव तक पहुंच सकी और न ही किसी वाहन का उपयोग संभव था. आखिरकार परिवार के सदस्यों ने मजबूरी में मरीज को जूट की बोरी में लटकाकर कंधों पर उठाया और अस्पताल के लिए रवाना हुए. इस दर्दनाक दृश्य ने इलाके के लोगों को झकझोर दिया.
इलाके के लोगों में गुस्सा
घटना के बाद सड़क निर्माण और मरम्मत को लेकर स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा. ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से सड़क सुधार की मांग की जा रही है, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. उनका आरोप है कि योजनाओं के नाम पर धन आवंटित तो हुआ, लेकिन जमीनी स्तर पर काम नहीं हुआ. इस मामले पर संदेशखाली के विधायक सनत सरदार ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि संदेशखाली की कई सड़कों के विकास के लिए प्रस्ताव भेजे गये हैं.
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विधायक ने सड़क बनाने का दिया आश्वासन
विधायक सनत सरदार ने कहा- मैं इस इलाके की स्थिति की जानकारी लूंगा और सड़क की जल्द मरम्मत कराने के लिए आवश्यक कदम उठाऊंगा. फिलहाल यह घटना ग्रामीण बुनियादी ढांचे की बदहाली और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच की गंभीर समस्या को उजागर कर रही है. सवाल यह है कि आखिर कब तक लोग ऐसी अमानवीय परिस्थितियों में जीवन जीने को मजबूर रहेंगे.
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