
मुख्य बातें:
मुंगेर के जमालपुर से विजय कुमार गुप्ता की रिपोर्ट
Jamalpur Railway Station: पूर्व रेलवे के मालदा रेल मंडल अंतर्गत मुंगेर जिले के सबसे महत्वपूर्ण और व्यस्त रेल परिसरों में शुमार जमालपुर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधाओं में भारी कटौती की गई है. रेलवे प्रशासन ने एक अप्रत्याशित और जन-विरोधी निर्णय लेते हुए बीते 1 जुलाई से स्टेशन पर संचालित हो रहे दूसरे आरक्षित (रिजर्वेशन) टिकट काउंटर को स्थायी रूप से बंद कर दिया है. इस फैसले के बाद अब पूरे जमालपुर स्टेशन पर देश भर की ट्रेनों के आरक्षण के लिए केवल एक ही काउंटर चालू रहेगा.
एक ही काउंटर पर निर्भर रहेंगे हजारों यात्री; बढ़ेगा कतारों का संकट
- भीड़ नियंत्रण का सिस्टम ध्वस्त: अब तक जमालपुर स्टेशन पर यात्रियों की सहूलियत और लोड को बांटने के लिए दो अलग-अलग टिकट काउंटर क्रियाशील थे. इससे वीआईपी, सीनियर सिटीजन और आम यात्रियों की लाइनें आसानी से नियंत्रित हो जाती थीं. लेकिन अब एक काउंटर पर ताला लटकने से सभी यात्रियों का दबाव एक ही जगह आ गया है.
- लंबा इंतजार और समय की बर्बादी: स्टेशन पर अब सामान्य दिनों में भी आरक्षण फॉर्म जमा करने और टिकट लेने के लिए यात्रियों को घंटों लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ेगा, जिससे उनकी ट्रेनें छूटने का खतरा भी बना रहेगा.
तत्काल टिकट बुकिंग में मचेगी भारी अफरा-तफरी; धक्का-मुक्की की नौबत
स्थानीय दैनिक यात्रियों और उपभोक्ता कल्याण समिति के सदस्यों का कहना है कि प्रतिदिन सुबह 10:00 बजे (एसी क्लास) और 11:00 बजे (स्लीपर क्लास) के लिए तत्काल टिकटों की बुकिंग शुरू होती है. तत्काल में एक-एक सेकंड का महत्व होता है और बमुश्किल 2 से 3 मिनट के भीतर सर्वर पर सीटें फुल हो जाती हैं. जब दो काउंटर थे, तब भी कई लोगों को वेटिंग टिकट मिलता था. अब मात्र एक काउंटर रहने से टोकन सिस्टम और कतार में आगे खड़े महज दो से तीन लोग ही टिकट ले पाएंगे. इसके कारण सुबह काउंटर खुलते ही धक्का-मुक्की, विवाद और यात्रियों के बीच आपसी झड़प होना तय माना जा रहा है.
Jamalpur Railway Station: महत्वपूर्ण रेलवे जंक्शन होने के बावजूद अनदेखी; पुनः काउंटर खोलने की मांग
जमालपुर रेल इंजन कारखाने और ऐतिहासिक महत्व के कारण इस स्टेशन से रोजाना लंबी दूरी की दर्जनों वीआईपी ट्रेनें गुजरती हैं, जिससे यहां यात्रियों का फुटफॉल हमेशा ऊंचा रहता है.
- यात्रियों की सुविधा के विपरीत फैसला: आक्रोशित यात्रियों का कहना है कि डिजिटल इंडिया और ऑनलाइन बुकिंग के दौर में भी आज भी ग्रामीण क्षेत्रों और बुजुर्गों का एक बड़ा तबका सीधे काउंटर से कैश देकर टिकट कटाने को प्राथमिकता देता है. ऐसे में काउंटर बंद करना यात्रियों को दी जाने वाली मूल सुविधाओं के साथ खिलवाड़ है.
- आंदोलन की चेतावनी: क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ताओं और यात्री संगठनों ने रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों (DRM मालदा) को पत्र लिखकर इस फैसले को जनहित में वापस लेने की गुहार लगाई है. लोगों ने मांग की है कि यदि बंद किए गए रिजर्वेशन काउंटर को पुनः चालू नहीं किया गया, तो वे स्टेशन परिसर में चरणबद्ध तरीके से विरोध प्रदर्शन करने को विवश होंगे.


