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Jharkhand Weather Orange Alert | Heavy Rain, Thunderstorm & Strong Winds Warning

झारखंड में मानसून पूरी तरह से एक्टिव है। मौसम विभाग ने आज पूरे प्रदेश में बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। 40 से 50Kmph की रफ्तार से हवा चल सकती है। आकाशीय बिजली गिरने को लेकर विशेष चेतावनी दी गई है।

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वहीं, शनिवार को पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, सिमडेगा, गुमला और खूंटी में भारी बारिश की संभावना है। जबकि 3 जुलाई को लातेहार, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम में भारी बारिश हो सकती है।

विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना के चलते राज्य के कई हिस्सों में तेज आंधी-बारिश की स्थिति बन रही है। तेज बारिश की ये स्थिति 8 जुलाई तक रहेगी। इसे लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है।

पलामू में गुरुवार की सुबह हुई झमाझम बारिश।

पलामू में गुरुवार की सुबह हुई झमाझम बारिश।

गढ़वा-साहिबगंज सबसे सूखा जिला

झारखंड की राजधानी रांची में 1 जून से 2 जुलाई तक 111.1 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य वर्षापात 206.5 मिमी माना जाता है। इसके आधार पर रांची में अब तक वर्षा की स्थिति सामान्य बनी हुई है।

रांची को छोड़कर किसी भी जिले में अच्छी बारिश नहीं हुई है। सबसे कम गढ़वा और साहिबगंज में बारिश हुई है। गढ़वा में अभी तक मात्र 12.6 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है, जो सामान्य से 91 मिमी कम है।

वहीं, साहिबगंज में 3.2 मिमी वर्षा हुई है, जो सामान्य से 99 मिमी कम है। गोड्डा में 36.9 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है, जो सामान्य से 80 मिमी कम है।

गुमला में गुरुवार को हुई बारिश।

गुमला में गुरुवार को हुई बारिश।

10 दिन झमाझम, फिर कमजोर पड़ सकता है मानसून

रांची स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक अभिषेक आनंद ने बताया कि जुलाई में सामान्य और सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है। 3 जुलाई को उत्तरी बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र बनने से महीने के पहले 10 दिनों में राज्य के अधिकांश हिस्सों में अच्छी वर्षा होगी।

लगातार बारिश के कारण अधिकतम तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को उमस व गर्मी से राहत मिलेगी। हालांकि यह ब्रेक भी हो सकता है और लोगों को उमस का भी सामना करना पड़ सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, पूरे जुलाई में सामान्य और सामान्य से कम बारिश होने का अनुमान है।

शुरुआती डेढ़ सप्ताह तक मानसून सक्रिय रहेगा, लेकिन इसके बाद वर्षा की गतिविधियों में कमी आ सकती है। इसकी एक बड़ी वजह प्रशांत महासागर में विकसित हो रही अल नीनो की स्थिति है, जिसका असर मानसून की रफ्तार पर पड़ सकता है। इससे किसानों को सबसे ज्यादा परेशानी होगी।

धान रोपाई को प्राथमिकता दें कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि बारिश को देखते हुए पहले खेत के निचले हिस्से में धान की रोपाई को प्राथमिकता दें, जहां पानी का पर्याप्त ठहराव हो सके। ऊंचाई वाले खेतों में दलहन और तिलहन फसलों की खेती करना अधिक लाभकारी रहेगा।

गिरिडीह में भी हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश हुई।

गिरिडीह में भी हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश हुई।

सर्वाधिक बारिश डुमरी में हुई रिकॉर्ड पिछले 24 घंटे में राज्य में अनेक स्थानों पर गर्जन के साथ हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश दर्ज की गई। जबकि राज्य में कहीं-कहीं पर भारी बारिश भी दर्ज की गई। सर्वाधिक बारिश 92.4 एमएम डुमरी (गिरिडीह) में दर्ज की गई।

वहीं, सबसे अधिक अधिकतम तापमान 35.4 डिग्री सेल्सियस डाल्टेनगंज में जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 21.4 डिग्री सेल्सियस लातेहार में दर्ज की गई।

मौसम विभाग के अनुसार, अगले पांच दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में कोई उल्लेखनीय परिवर्तन होने की संभावना नहीं है।

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