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बिहार में नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान में बड़ी सफलता हाथ लगी है। मद्यनिषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (PSNCB) के विशेष अभियान दल को मिली गुप्त सूचना के आधार पर बरौनी जंक्शन पर संयुक्त ऑपरेशन चलाया गया। इस कार्रवाई के दौरान कविगुरु एक्सप्रेस ट्रेन से चार अंतरराज्यीय ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें दो महिलाएं और दो युवक शामिल है। तलाशी के दौरान इनके पास से 118 ग्राम प्रतिबंधित ब्राउन शुगर (हेरोइन) बरामद की गई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 25 लाख रुपए आंकी जा रही है। संयुक्त टीम ने बिछाया जाल तो दबोचे गए तस्कर नशीले पदार्थों की तस्करी की पुख्ता जानकारी मिलने के बाद बिहार पुलिस के स्पेशल टास्क फोर्स (STF), बरौनी जीआरपी (राजकीय रेलवे पुलिस), आरपीएफ (रेलवे सुरक्षा बल) और सीआईबी (क्राइम इंटेलिजेंस ब्रांच) ने मिलकर शुक्रवार को एक संयुक्त छापेमारी दल का गठन किया। इनपुट के आधार पर पूरी टीम अलर्ट मोड में थी। जैसे ही कविगुरु एक्सप्रेस बरौनी जंक्शन पर आकर रुकी, टीम ने संदिग्धों की घेराबंदी शुरू कर दी। तस्करों ने भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस और सुरक्षा बलों की मुस्तैदी के कारण चारों आरोपियों को भागने या संभलने का कोई मौका नहीं मिला और उन्हें रंगे हाथों दबोच लिया गया। मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में हुई तलाशी जीआरपी बरौनी के इंस्पेक्टर मनीष कुमार ने बताया कि ट्रेन से हिरासत में लिए गए चारों आरोपियों की तलाशी कानूनन प्रक्रिया के तहत ली गई। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इसकी सूचना तुरंत तेघड़ा एसडीओ को दी गई। इसके बाद प्रतिनियुक्त मजिस्ट्रेट सह सीओ रविशंकर की उपस्थिति में आरोपियों के सामान और शरीर की जांच की गई। जांच के दौरान उनके पास से 10 अलग-अलग पैकेटों में छिपाकर रखी गई 118 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। इसके अलावा पुलिस ने तस्करों के पास से तस्करी में इस्तेमाल किए जाने वाले 4 स्मार्टफोन और 6100 रुपए नकद भी बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पकड़े गए चारों आरोपी बिहार के अलग-अलग जिलों के रहने वाले हैं और काफी समय से इस अवैध कारोबार से जुड़े थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हाजीपुर रामाशीष चौक निवासी कौशल्या देवी, मुजफ्फरपुर मटोलिया निवासी सविता देवी, वैशाली महनार निवासी सुबोध साह एवं मुन्ना कुमार के रुप में किया गया है। अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा जीआरपी इंस्पेक्टर मनीष कुमार ने बताया कि पकड़े गए सभी आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस और स्वापक नियंत्रण ब्यूरो की टीम आरोपियों से पूछताछ कर रही है। पुलिस इनके फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकेज खंगाल रही है। प्रारंभिक जांच और पूछताछ में यह बात सामने आई है कि यह कोई छिटपुट तस्कर नहीं हैं। बल्कि एक सुव्यवस्थित अंतरराज्यीय ड्रग सिंडिकेट का हिस्सा हैं। यह गिरोह दूसरे राज्यों से भारी मात्रा में मादक पदार्थ लाकर बिहार के विभिन्न जिलों और स्थानीय पैडलर्स को सप्लाई करता था। आने वाले दिनों में इस गिरोह से जुड़े कुछ और बड़े चेहरों की गिरफ्तारी की संभावना है।


