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औरंगाबाद के नवीनगर प्रखंड मुख्यालय में शनिवार को प्रखंड कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक, बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार समेत विभिन्न जनसरोकार के मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। धरना कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रखंड कांग्रेस अध्यक्ष विनय सिंह ने की, जबकि संचालन पूर्व प्रखंड अध्यक्ष संतन सिंह ने किया। प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ताओं ने प्रखंड विकास पदाधिकारी के माध्यम से महामहिम राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर विभिन्न मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की। शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए औरंगाबाद के पूर्व विधायक आनंद शंकर सिंह ने नीट परीक्षा में कथित धांधली और पेपर लीक की घटनाओं की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि परीक्षा में बार-बार सामने आ रही अनियमितताओं से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग भी की। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि लगातार हो रही परीक्षा संबंधी गड़बड़ियों से युवाओं का शिक्षा व्यवस्था पर भरोसा कमजोर हो रहा है। उन्होंने परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने की जरूरत पर बल दिया। कार्यक्रम में श्याम बिहारी सिंह, रविंद्र पांडेय, सत्येंद्र सिंह, शंकर प्रसाद, जिशान, अकबर, अजय कुमार, मिथलेश, प्रदीप सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे। ज्ञापन में उठाए कई जनहित के मुद्दे राज्यपाल के नाम सौंपे गए ज्ञापन में कांग्रेस नेताओं ने नीट परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक की घटनाओं पर रोक लगाने, बढ़ते भ्रष्टाचार पर प्रभावी कार्रवाई करने, बेरोजगारी कम करने, महंगाई पर नियंत्रण पाने और अपराध पर अंकुश लगाने की मांग की। इसके साथ ही प्रधानमंत्री की ओर से चुनाव के दौरान किए गए वादों को पूरा करने की भी मांग उठाई गई। ज्ञापन में उत्तर कोयल सिंचाई परियोजना का मुद्दा भी प्रमुखता से शामिल किया गया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि परियोजना की मुख्य नहर और वितरणी प्रणाली को सुदृढ़ कर प्रखंड के सभी खेतों तक सिंचाई का पानी पहुंचाया जाए। जिन इलाकों तक नहर का पानी नहीं पहुंच पा रहा है, वहां किसानों के लिए वैकल्पिक सिंचाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि खेती प्रभावित न हो और किसानों को राहत मिल सके।


