![]()
औरंगाबाद की अंबा थाना पुलिस ने अंतरराज्यीय बाइक चोर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए चोरी की एक मोटरसाइकिल बरामद की है। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपितों में माली थाना क्षेत्र के मिश्र बिगहा निवासी शिवशंकर कुमार, भरतौल निवासी संदीप कुमार और झारखंड के पलामू के छतरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत मसीहानी टोला जगदीह निवासी अफरोज आलम शामिल हैं। कार्रवाई थानाध्यक्ष राहुल राज के नेतृत्व में दारोगा राजा कुमार ने की। बरामद बाइक अंबा थाना क्षेत्र के सोना बिगहा गांव निवासी विष्णु कुमार की बताई जा रही है, जो कुछ दिन पहले अंबा बाजार से चोरी हो गई थी। इस संबंध में विष्णु कुमार ने अज्ञात चोरों के खिलाफ अंबा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस के अनुसार, बाइक मालिक के परिजनों की सतर्कता और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से पूरे मामले का खुलासा हो सका। झारखंड से तीसरा आरोपी गिरफ्तार जानकारी के अनुसार, विष्णु कुमार की बाइक अंबा-औरंगाबाद रोड स्थित मछली मार्केट के पास सड़क किनारे खड़ी थी, जहां से चोर उसे लेकर फरार हो गए थे। शुक्रवार को दोनों आरोपी उसी चोरी की बाइक से अंबा बाजार पहुंचे और वाहन को सड़क किनारे खड़ा कर एक होटल में चले गए। इसी दौरान बाइक मालिक के परिजनों की नजर अपनी बाइक पर पड़ गई। उन्होंने वाहन की पहचान कर दोनों युवकों को पकड़ लिया और तत्काल अंबा थाना पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों आरोपितों को हिरासत में लेकर थाना ले गई। पूछताछ के दौरान दोनों ने चोरी की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार करते हुए गिरोह के अन्य सदस्यों की जानकारी दी। उनकी निशानदेही पर शनिवार को पुलिस ने झारखंड के छतरपुर थाना क्षेत्र के मसीहानी टोला जगदीह में छापेमारी कर तीसरे आरोपी अफरोज आलम को गिरफ्तार कर लिया। थानाध्यक्ष राहुल राज ने बताया कि पूछताछ में अंतरराज्यीय बाइक चोर गिरोह के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए बिहार और झारखंड के संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है और जल्द ही अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी की उम्मीद है। अंबा बाजार से कई बाइकों की हो चुकी है चोरी कुछ दिनों से अंबा बाजार में बाइक चोर गिरोह के सदस्य लगातार सक्रिय है। अंबा और अलग-अलग इलाकों से लगातार बाइक चोरी की घटनाएं सामने आती रही है। लोगों की माने तो बाइक चोर गिरोह के सदस्यों का शराब कारोबारी के साथ तालमेल होता है। चोरी की बाइकों को बाइक चोर शराब कारोबारी को औने पौने दामों में बेच देते हैं। जिसका इस्तेमाल झारखंड से शराब की खेप लाने में किया जाता है। यही कारण है कि शराब की खेत के साथ पकड़ी गई अधिकांश बाइक और चोरी की होती है। पुलिस से गिरते देखकर शराब की खेप ढोने वाले तस्कर बाइक और शराब को छोड़कर फरार हो जाते हैं। ऐसे में पुलिस उन तक नहीं पहुंच पाती है, क्योंकि बाइक का रजिस्ट्रेशन दूसरे के नाम पर होता है।
