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आरा के रहने वाले 26 साल के युवक ने पंजाब के लुधियाना में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मरने से पहले उसने एक वीडियो रिकॉर्ड किया था, जिसमें उसने कहा- फोन उठा लो, नहीं तो मेरा मरा हुआ मुंह देखोगे। हालांकि, उसने यह वीडियो किसके लिए बनाया, किसे भेजा और आत्महत्या क्यों की, इसका पता अभी नहीं चल पाया है। बताया जा रहा है कि सुसाइड से पहले मृतक ने अपने चाचा को फोन कर तुरंत घर आने को कहा। जब उसका चचेरा भाई घर पहुंचा तो युवक फंदे पर लटका मिला। फिलहाल लुधियाना पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही सुसाइड के पीछे के कारणों का पता लगाने में जुट गई है। मृतक के चाचा ने पुलिस को ये जानकारी दी 3 बहनों का इकलौता भाई था मृतक मामला लुधियाना के ग्यासपुरा स्थित हरि गोबिंद नगर की गली नंबर-9 का है। मृतक की पहचान बिहार के आरा निवासी 26 वर्षीय दीपक कुमार के रूप में हुई है। वह तीन बहनों का इकलौता भाई था। उसके माता-पिता आरा में रहते हैं, जबकि दीपक लुधियाना में किराए के कमरे में अकेले रहता था। वह ग्यासपुरा स्थित ओसवाल धागा प्लांट में काम करता था। चाचा को फोन कर बुलाया मृतक के चाचा प्रमोद शर्मा ने बताया कि शनिवार को वह ड्यूटी पर थे। इसी दौरान उनके भतीजे दीपक कुमार का फोन आया। फोन पर दीपक ने कहा, “चाचा, आधे घंटे या एक घंटे में आ जाइए, नहीं तो फिर मेरा मुंह नहीं देख पाएंगे।” प्रमोद शर्मा के अनुसार, दीपक पहले भी शराब के नशे में इस तरह की बातें कर चुका था, इसलिए उन्होंने शुरुआत में उसकी बात को गंभीरता से नहीं लिया। हालांकि, मन में शंका होने पर उन्होंने अपने बड़े बेटे सनी कुमार को तुरंत बाइक से दीपक के किराए के कमरे पर भेजा। जब सनी कुमार ग्यासपुरा स्थित कमरे पर पहुंचा तो वहां अंधेरा था। उसने दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद उसने आसपास के लोगों से पूछताछ की। स्थानीय लोगों ने बताया कि करीब 10 मिनट पहले तक दीपक उनसे बातचीत कर रहा था। वीडियो में बोला- फोन उठा लो… चाचा प्रमोद के अनुसार, “दीपक ने फंदा लगाने से ठीक पहले अपने मोबाइल में एक वीडियो रिकॉर्ड किया था। उसका मोबाइल पास ही पड़ा था। हालांकि, उसने यह वीडियो किसे भेजा या वह किसे फोन करने की बात कर रहा था, इस बात का हमें कोई अंदाजा नहीं है। हमने पुलिस को सूचना दी। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो उसका रिकॉर्ड किया वीडियो वाला फोन भी हमने पुलिस को सौंप दिया।” चाचा प्रमोद शर्मा ने यह भी बताया कि शनिवार सुबह ही भतीजा दीपक उनके पास आया था और खाना खाकर गया। वह थोड़ा बीमार था और उसने बताया था कि वह ग्लूकोज चढ़वा कर आया है। इस पर चाचा ने उसे फल और दवाइयों के लिए 500 रुपये भी दिए थे। चाचा का कहना है कि दीपक का किसी के साथ कोई लड़ाई-झगड़ा या विवाद नहीं था। उसने ऐसा आत्मघाती कदम क्यों उठाया, इस बारे में उन्हें कुछ समझ नहीं आ रहा है। फिलहाल पुलिस मामले की तफ्तीश कर रही है।

