
खास बातें
कोलकाता से अमित शर्मा की रिपोर्ट
Abhishek Banerjee In Trouble: तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी फिर कानूनी पचड़े में फंसते नजर आ रहे हैं. मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicle Act) के कथित उल्लंघन मामले में कोलकाता की कालीघाट थाना पुलिस के नोटिस का उन्होंने तय समयसीमा में जवाब नहीं दिया. अब कालीघाट थाना की पुलिस उन्हें दोबारा नोटिस भेजने की तैयारी में जुट गयी है.
क्या है पूरा मामला? क्यों दर्ज हुई प्राथमिकी?
पूरा विवाद बागुईआटी के निवासी राजीव सरकार द्वारा दर्ज करायी गयी एक शिकायत के बाद शुरू हुआ. शिकायतकर्ता का आरोप है कि अभिषेक बनर्जी के वीआईपी काफिले में चलने वाली एक गाड़ी पर 2 सुरक्षाकर्मी बेहद खतरनाक तरीके से बाहर लटककर यात्रा कर रहे थे. यह सरेआम यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाना है.
Abhishek Banerjee In Trouble: कानूनी धाराएं और प्रावधान
धारा 123 (मोटर व्हीकल एक्ट) के तहत चलती गाड़ी में चालक या किसी भी सवार को पायदान या वाहन के बाहर लटककर यात्रा करने की सख्त मनाही है. धारा 184 (मोटर व्हीकल एक्ट) के अनुसार, सड़क पर खतरनाक ढंग से वाहन चलाना या जान जोखिम में डालकर यात्रा करना एक दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है. इसी शिकायत के आधार पर पुलिस ने अभिषेक बनर्जी के खिलाफ कालीघाट थाने में प्राथमिकी दर्ज की थी और जांच के सिलसिले में नोटिस भेजकर गाड़ी के कागजात मांगे थे.
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चौतरफा कानूनी संकटों से घिरे अभिषेक बनर्जी
पुलिस का कहना है कि यदि दूसरे नोटिस के बाद भी अभिषेक बनर्जी या उनकी टीम की ओर से जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराये जाते हैं, तो पुलिस कानून के मुताबिक सख्त अगली कार्रवाई कर सकती है.
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जांच एजेंसियों के रडार पर अभिषेक
अभिषेक बनर्जी अलग-अलग मामलों में लगातार जांच एजेंसियों के रडार पर बने हुए हैं. वे कथित कोयला और शिक्षक भर्ती जैसे घोटालों में पहले से ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) और सीबीआई (CBI) की जांच का सामना कर रहे हैं. विधानसभा में हस्ताक्षर जालसाजी प्रकरण (Signature Forgery Case) और चुनाव प्रचार के दौरान दियेगये ‘डीजे’ संबंधी विवादित बयान को लेकर भी उन पर कानूनी शिकंजा कसा हुआ है. डीजे टिप्पणी मामले में सीआईडी (CID) उनकी आवाज का नमूना (Voice Sample) लेने की प्रक्रिया भी शुरू कर चुकी है.
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