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हजारीबाग के चौपारण थाना क्षेत्र में 8 साल की मासूम को बचाने की कोशिश में पिता ने अपनी जान गंवा दी। ब्रहमोरिया गांव में घर के पास स्थित कुएं के समीप लटक रहे जर्जर बिजली तार में करंट दौड़ रहा था। इसी दौरान ईशा कुमारी (8) वहां पहुंची और करंट की चपेट में आ गई। बच्ची को तड़पता देख परिजन उसे बचाने दौड़े, लेकिन एक-एक कर सभी करंट की गिरफ्त में आते चले गए। कुछ ही सेकेंड में पूरा परिवार हादसे का शिकार हो गया। मौके पर अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों की भीड़ जुटी। सभी को किसी तरह करंट से अलग कर अस्पताल पहुंचाया गया। पिता ने दिखाई हिम्मत, लेकिन नहीं बची जान बेटी को बचाने के लिए सबसे पहले उसके पिता नरेश भुइया (48) आगे आए। उन्होंने बिना अपनी जान की परवाह किए बच्ची को छुड़ाने की कोशिश की, लेकिन तेज करंट की चपेट में आने से वे गंभीर रूप से झुलस गए। परिजन और ग्रामीण उन्हें तुरंत चौपारण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस हादसे में रीना देवी (45), ईशा कुमारी (8), कुंजियां देवी (50) और भुनेश्वर भुइया (60) समेत कुल पांच लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं। घायलों का इलाज डॉ. डीएन ठाकुर, डॉ. पुष्पा कुमारी और डॉ. मनोज गुप्ता की देखरेख में चल रहा है। इनमें से एक की हालत नाजुक होने पर उसे बेहतर इलाज के लिए हजारीबाग रेफर किया गया है। बिजली विभाग पर लापरवाही के आरोप घटना के बाद गांव में शोक के साथ-साथ आक्रोश भी देखने को मिल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में लंबे समय से जर्जर और झूलते बिजली तार हादसों को न्योता दे रहे थे, लेकिन विभाग ने इन्हें बदलने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया। लोगों ने तत्काल पुराने तार बदलने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। उधर, सूचना मिलते ही प्रशासन मौके पर पहुंचा और जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर जर्जर तार को ही हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है। प्रशासन ने पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता का भरोसा दिया है। मामले में आवश्यक कार्रवाई की बात कही है।


