![]()
पश्चिमी सिंहभूम जिले में लगातार हो रही बारिश के कारण जहरीले सांपों की गतिविधियां तेजी से बढ़ गई हैं। सोमवार को चाईबासा के खपरसाई क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक भवन निर्माण स्थल पर ईंटों के ढेर में बैंडेड क्रेट प्रजाति का अत्यंत विषैला सांप दिखाई दिया। स्थानीय भाषा में इसे राणा सांप या शकोम बिंग कहा जाता है। सांप के दिखते ही वहां काम कर रहे मजदूरों ने तत्काल काम बंद कर दिया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग को सूचना दी। सर्प मित्र ने किया सुरक्षित रेस्क्यू सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम सर्प मित्र दीपक बारी और उनके सहयोगी अमन तिर्की के साथ मौके पर पहुंची। टीम ने पूरी सावधानी बरतते हुए रेस्क्यू अभियान चलाया और जहरीले सांप को सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया। रेस्क्यू के दौरान आसपास के लोगों को दूर रखा गया, ताकि किसी तरह की अनहोनी न हो। बाद में सांप को आबादी से दूर उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया। समय रहते की गई इस कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली। सुरक्षित जगह तलाशते हैं सांप वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बारिश के मौसम में सांपों के बिलों में पानी भर जाने के कारण वे बाहर निकलकर सूखी और सुरक्षित जगहों की तलाश करते हैं। इसी वजह से वे घरों, निर्माणाधीन भवनों, ईंटों, लकड़ियों और मलबे के ढेर में छिप जाते हैं। विभाग ने लोगों से अपील की है कि ऐसे मौसम में विशेष सतर्कता बरतें। यदि कहीं सांप दिखाई दे, तो उसे पकड़ने या मारने की कोशिश न करें, बल्कि तुरंत वन विभाग को सूचित करें। लोगों को सतर्क रहने की सलाह इधर जिले में सर्पदंश के मामलों में भी तेजी से बढ़ोतरी देखी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जून माह में 200 से अधिक लोग सांप के काटने का शिकार हुए हैं, जिनमें लगभग 10 लोगों की मौत हो चुकी है। विभाग ने लोगों को मच्छरदानी लगाकर सोने, जमीन पर सीधे न सोने और आसपास साफ-सफाई रखने की सलाह दी है।

