
खास बातें
West Bengal Yuva Shakti Bharosa Card: पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन और भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार बनने के बाद शुभेंदु अधिकारी वादों को धरातल पर उतारने में जुट गये हैं. राज्य के लाखों शिक्षित बेरोजगार युवाओं को आर्थिक मदद के लिए अपनी चुनावी गारंटी को पूरा करने की दिशा में कदम बढ़ा दिया है.
सरकार ने ममता बनर्जी सरकार के ‘बंग्लार युवा साथी योजना’ (Banglar Yuva Sathi Scheme) को बंद कर, उसकी जगह ‘युवा शक्ति भरोसा कार्ड योजना’ (Yuva Shakti Bharosa Card Scheme) को हरी झंडी दे दी है. इस नयी योजना के तहत राज्य के योग्य बेरोजगार युवाओं को अब हर महीने 3,000 रुपए की आर्थिक सहायता मिलेगी. ये पैसे सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर किये जायेंगे.
योजना की शर्तें क्या हैं और किसको मिलेगा इसका लाभ
ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस सरकार ने फरवरी 2026 में ‘बंग्लार युवा साथी योजना’ की शुरुआत की थी, जिसके तहत बेरोजगार युवाओं को हर महीने 1,500 रुपए दिये जा रहे थे. इसमें अधिकतम 5 वर्ष की समय सीमा तय की गयी थी. लेकिन भाजपा सरकार ने युवाओं के बीच अपनी पैठ मजबूत करने के लिए इस नीति में 2 बड़े बदलाव किये हैं.
- भत्ता हुआ डबल : युवा शक्ति भरोसा कार्ड योजना में मासिक सहायता राशि को 1,500 रुपए से बढ़ाकर 3,000 रुपए कर दिया गया है.
- कोई टाइम कैप नहीं : पुरानी योजना की तरह इसमें 5 साल की कोई बंदिश नहीं होगी. युवाओं को मासिक सहायता तब तक मिलती रहेगी, जब तक उन्हें कोई स्थायी रोजगार या नौकरी नहीं मिल जाती.
- प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अतिरिक्त मदद : नयी योजना के तहत युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं (Competitive Exams) की तैयारी और किताबों के लिए 15,000 रुपए की एकमुश्त सहायता देने का भी प्रस्ताव है.
जालसाजी रोकने के लिए कड़े नियम
राज्य सचिवालय नबान्न से मिली जानकारी के अनुसार, इस योजना के लिए एक नया आधिकारिक डिजिटल पोर्टल तैयार किया जा रहा है. किसी भी तरह की वित्तीय हेरफेर या फर्जीवाड़े को रोकने के लिए सरकार ने पात्रता के 4 कड़े नियम तय किये हैं, जिनके बिना आवेदन सीधे खारिज कर दिया जायेगा.
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West Bengal Yuva Shakti Bharosa Card: पात्रता की शर्तें
- स्थायी निवास : आवेदक को अनिवार्य रूप से पश्चिम बंगाल का स्थायी निवासी होना चाहिए.
- आयु सीमा : आवेदन की तिथि पर युवक-युवती की उम्र 21 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए.
- न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता : आवेदक को कम से कम माध्यमिक (कक्षा 10वीं) या उसके समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण होना आवश्यक है.
- रोजगार की स्थिति : आवेदन के समय उम्मीदवार पूरी तरह बेरोजगार होना चाहिए और वह किसी अन्य सरकारी वजीफे का लाभ न ले रहा हो.
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नबान्न का कड़ा निर्देश
नबान्न ने कहा है कि ऑनलाइन आवेदन जमा होने के बाद प्रत्येक उम्मीदवार के दस्तावेजों और दावों का प्रशासनिक स्तर पर गहन फिजिकल वेरिफिकेशन और ऑडिट किया जायेगा. यदि किसी भी स्तर पर जानकारी गलत पायी गयी, तो आवेदन तुरंत रद्द कर दिया जायेगा.
बिहार-झारखंड के युवाओं पर क्या होगा असर?
पश्चिम बंगाल में बड़ी संख्या में बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश के प्रवासी परिवार दशकों से रह रहे हैं. इस योजना का सीधा लाभ उन हिंदीभाषी युवाओं को भी मिलेगा, जो बंगाल में स्थायी रूप से रह रहे हैं और माध्यमिक शिक्षा पूरी करने के बाद नौकरी की तलाश में हैं.
अधिसूचना का इंतजार करें स्टूडेंट्स : नबान्न
राजनीतिक रूप से देखें तो शुभेंदु अधिकारी सरकार इस योजना के जरिये राज्य के उस युवा वर्ग को अपने पाले में बनाये रखना चाहती है, जिसने इस बार परिवर्तन में बड़ी भूमिका निभायी है. नबान्न के अधिकारियों का कहना है कि आगामी कुछ ही दिनों में इस योजना के विस्तृत दिशा-निर्देश और पोर्टल पर पंजीकरण (Registration) शुरू होने की आधिकारिक तारीख की घोषणा कर दी जायेगी. युवाओं को सलाह दी गयी है कि वे किसी भी अनाधिकृत या फर्जी वेबसाइट पर अपनी निजी जानकारी साझा न करें और केवल आधिकारिक सरकारी अधिसूचना का ही इंतजार करें.
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