![]()
पाकुड़ जिले के अमड़ापाड़ा थाना क्षेत्र की चार नाबालिग लड़कियों को महाराष्ट्र पुलिस ने रेस्क्यू कर गुरुवार को बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष पेश किया। इन लड़कियों को एक दलाल द्वारा काम दिलाने के बहाने पंजाब के अंबाला शहर ले जाया गया था। नाबालिग लड़कियों ने बताया कि लगभग तीन माह पूर्व गांव के एक दलाल ने उन्हें काम दिलाने का झांसा दिया था। दलाल उन्हें बहला-फुसलाकर पहले बस से दुमका ले गया। इसके बाद दुमका से जसीडीह स्टेशन और फिर जसीडीह से अंबाला जाने वाली ट्रेन से अंबाला स्टेशन पहुंचाया गया। अंबाला में उन्हें एक तय कार्यस्थल पर काम पर लगाया गया। वहां 10 दिन काम करने के बाद उन्हें घर की याद सताने लगी और वे घर आने के लिए वहां से भाग निकलीं। अंबाला स्टेशन से पाकुड़ आने वाली ट्रेन के बजाय, उन्होंने गलती से दूसरी ट्रेन पकड़ ली और मुंबई पहुंच गईं। मुंबई पहुंचने पर स्थानीय पुलिस ने उन्हें रेस्क्यू किया। मुंबई पुलिस ने इन लड़कियों का लगभग तीन महीने तक सत्यापन किया। इसके बाद, मुंबई पुलिस ने गुरुवार को इन लड़कियों को पाकुड़ लाया और बाल कल्याण समिति को सौंप दिया। CWC के सदस्य सलमा जहां, विनोद प्रमाणिक और रंजना श्रीवास्तव ने बताया कि लड़कियों के अभिभावकों को सूचना दे दी गई है और उनकी काउंसलिंग की जा रही है। अभिभावकों के आने के बाद लड़कियों को उन्हें सौंप दिया जाएगा।

