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पटना में गुरुवार को एक ही मंच पर जाने माने एजुकेशनिस्ट और पॉलिसिमेकर्स जुटे। दरअसल, दैनिक भास्कर की ओर से एजुकेशन कॉन्क्लेव सीजन -2 का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में क्लासरूम टू कैरियर, भविष्य के शिक्षा रोडमैप, स्टूडेंट मेंटल हेल्थ और स्ट्रेस मैनेजमेंट, कौशल विकास, डिजिटल लर्निंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते प्रभाव जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार विमर्श हुआ। शिक्षा सिर्फ सरकार की नहीं बल्कि समाज की जवाबदेही इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद रहे बिहार सरकार के मंत्री प्रो. अशोक चौधरी ने कहा कि शिक्षा सिर्फ सरकार की नहीं बल्कि समाज की जवाबदेही है। इसमें जितने लोग पार्टिसिपेट कर पाए उतना बेहतर है। दैनिक भास्कर ने इस सेंसटाइज मुद्दे को सबके सामने रखने की एक पहल की है, जो की बहुत ही सराहनीय है। बिहार में एजुकेशन की क्वालिटी भी बढ़ रही है। देखें आयोजन की कुछ तस्वीरें… हमारे यहां विदेश से बच्चे आकर पढ़ रहे उन्होंने आगे कहा, बिहार में शिक्षा के क्षेत्र में नीतीश कुमार का बहुत बड़ा योगदान रहा है। आज हमारे यहां विदेश से बच्चे आकर पढ़ रहे हैं। नालंदा यूनिवर्सिटी में 2 साल पहले करीब 30-40 बच्चे पढ़ रहे थे। अब तो उनकी संख्या भी बढ़ी है। अब हमें विक्रमशिला यूनिवर्सिटी को बनाना है। प्रधानमंत्री ने विक्रमशिला के लिए एक्स्ट्रा बजट की बात की है और जल्द ही हम इस पर काम शुरू करेंगे। हमारे वर्तमान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी इसके लिए काफी प्रयत्नशील है। शिक्षा के क्षेत्र में वर्तमान चुनौतियों और संभावनाओं पर चर्चा हुई यह काॅन्कलेव शिक्षा के क्षेत्र में वर्तमान चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं के लिए चर्चा का एक सशक्त मंच साबित हुआ। पटना यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रो अजय कुमार सिंह, मशहूर एजुकेशनिस्ट केसी सिन्हा, NIFT पटना के डायरेक्टर राहुल शर्मा, CIMP के डायरेक्टर प्रो राणा सिंह, शिक्षा विभाग हायर एजुकेशन के डायरेक्टर प्रो एन के अग्रवाल सहित अन्य शिक्षाविद मौजूद रहे। यह काॅन्कलेव बिहार की शिक्षा प्रणाली को अधिक सुदृढ़, समावेशी और भविष्य के अनुरूप बनाने की दिशा में एक पहल है।

