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बिहार में हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने और नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के विस्तार के संबंध में गुरुवार को एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई इस बैठक में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रहलाद जोशी ने राज्यभर में चल रही विभिन्न सौर ऊर्जा योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। बैठक के दौरान पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, पीएम-कुसुम योजना, फ्लोटिंग सोलर परियोजना, बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (BESS), हाइड्रो पावर और सोलर पार्क जैसी कई योजनाओं की प्रगति पर विस्तृत चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी सरकारी परिसरों, जिनमें विद्यालय, अस्पताल और आंगनबाड़ी केंद्र शामिल हैं, में शत-प्रतिशत सोलर पैनल लगाए जाएं। साथ ही, आम लोगों को सौर ऊर्जा अपनाने के लिए जागरूक करने पर भी जोर दिया गया। खगड़िया जिले में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की प्रगति भी बैठक में प्रस्तुत की गई। बताया गया कि अब तक इस योजना के तहत 1,767 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 214 लाभार्थियों के घरों पर सोलर पैनल स्थापित किए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त, ULA मॉडल के पहले चरण में खगड़िया जिले के 4,396 कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं के घरों की छतों पर 1.1 किलोवाट क्षमता के सोलर पैनल निःशुल्क लगाए जाएंगे। इस परियोजना को नवंबर 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। बैठक में जिले के चयनित राजस्व गांवों को ‘सोलर मॉडल ग्राम’ के रूप में विकसित करने की योजना पर भी बल दिया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिस गांव में सर्वाधिक सोलर पैनल स्थापित होंगे, उसे सोलर मॉडल ग्राम घोषित किया जाएगा। इस योजना के लिए खगड़िया, अलौली, चौथम, गोगरी, बेलदौर, परबत्ता और मानसी प्रखंडों के राजस्व गांवों को चिन्हित किया गया है। इसके साथ ही, स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जलाशयों के ऊपर फ्लोटिंग सोलर परियोजनाओं की संभावनाओं का आकलन करने के भी निर्देश दिए गए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के बाद जिलाधिकारी विक्रम विरकर ने ब्रेडा (BREDA) के अभियंता को निर्देश दिया कि जिन सरकारी भवनों पर अब तक सोलर पैनल नहीं लगाए गए हैं, उनकी सूची शीघ्र उपलब्ध कराई जाए, ताकि संबंधित विभागों को सोलर पैनल लगाने का निर्देश जारी किया जा सके।
इसके साथ ही विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता को निर्देश दिया गया कि प्रत्येक घरेलू उपभोक्ता तक पहुंचकर पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के लाभों की जानकारी दें और अधिक से अधिक लोगों को सोलर पैनल लगाने के लिए प्रेरित करें। जिलाधिकारी ने कहा कि हरित ऊर्जा के विस्तार से पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ लोगों के बिजली खर्च में भी कमी आएगी और ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा।

