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जहानाबाद में बरसात के मौसम में शहर में जलजमाव की समस्या से निपटने के लिए नगर परिषद ने अतिक्रमण हटाने का अभियान तेज कर दिया है। शुक्रवार को नगर परिषद और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई में जेसीबी मशीन के जरिए नालों और सड़क किनारे किए गए अतिक्रमण को हटाया गया। अभियान की शुरुआत काको मोड़ से की गई, जिसे चरणबद्ध तरीके से पूरे शहर में चलाया जाएगा। नगर परिषद का कहना है कि नालों पर किए गए अवैध कब्जों के कारण सफाई कार्य प्रभावित हो रहा है। इससे बारिश के दौरान पानी की निकासी बाधित होती है और शहर के कई इलाकों में जलजमाव की स्थिति बन जाती है। इसी समस्या को देखते हुए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। बार-बार चेतावनी के बाद भी नहीं हटाया अतिक्रमण नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी दीनानाथ सिंह ने बताया कि सड़क किनारे बने नालों पर कई लोगों ने अवैध कब्जा कर लिया है। इस कारण नालों की नियमित सफाई और उड़ाही नहीं हो पा रही है। परिणामस्वरूप बारिश का पानी सड़कों पर जमा हो जाता है और आम लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है। उन्होंने बताया कि अतिक्रमणकारियों को पहले कई बार नोटिस देकर और मौखिक रूप से भी कब्जा हटाने के लिए कहा गया था। लेकिन चेतावनी के बावजूद लोगों ने अतिक्रमण नहीं हटाया। इसके बाद नगर परिषद को जेसीबी के माध्यम से कार्रवाई करनी पड़ी। पूरे शहर में चलेगा अभियान कार्यपालक पदाधिकारी ने कहा कि यह अभियान केवल काको मोड़ तक सीमित नहीं रहेगा। शहर के सभी प्रमुख मार्गों और नालों के किनारे किए गए अतिक्रमण को हटाया जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे स्वेच्छा से अपना अतिक्रमण हटा लें। यदि कोई व्यक्ति निर्धारित समय के बाद भी अवैध कब्जा नहीं हटाता है तो नगर परिषद प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए जेसीबी से अतिक्रमण हटाएगी और नियमों के तहत आगे की कार्रवाई भी की जाएगी। बारिश में बढ़ी जलजमाव की समस्या नगर परिषद के अनुसार, मानसून की शुरुआत के साथ ही शहर के कई इलाकों में जलजमाव की शिकायतें मिलने लगी हैं। अधिकारियों का कहना है कि नालों पर अतिक्रमण और समय पर सफाई नहीं होने के कारण पानी की निकासी बाधित हो रही है। स्थानीय लोगों का भी कहना है कि हर साल अतिक्रमण के कारण नालियां जाम हो जाती हैं। इससे थोड़ी देर की बारिश में भी सड़कें जलमग्न हो जाती हैं और लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। हटता है अतिक्रमण, फिर हो जाता है कब्जा नगर परिषद के अधिकारियों ने बताया कि समय-समय पर अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया जाता है, लेकिन कुछ ही दिनों बाद दुकानदार और अन्य लोग दोबारा सड़क और नालों पर कब्जा कर लेते हैं। यही कारण है कि समस्या बार-बार सामने आती है। अधिकारियों का कहना है कि इस बार अभियान के साथ निगरानी भी बढ़ाई जाएगी, ताकि दोबारा अतिक्रमण न हो और नालों की सफाई नियमित रूप से हो सके। दूसरी ओर कार्यपालक पदाधिकारी के खिलाफ वार्ड पार्षदों का धरना एक ओर नगर परिषद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कर रही है, वहीं दूसरी ओर कार्यपालक पदाधिकारी दीनानाथ सिंह के खिलाफ वार्ड पार्षदों का अनिश्चितकालीन धरना भी जारी है। धरने पर बैठे वार्ड पार्षदों का आरोप है कि कार्यपालक पदाधिकारी मनमाने तरीके से काम कर रहे हैं और जनप्रतिनिधियों की बातों की अनदेखी की जा रही है। उनका कहना है कि जिस गति से शहर का विकास होना चाहिए था, वह नहीं हो सका। कई वार्डों में नालियों और गलियों की समस्याएं अब भी बनी हुई हैं, जिससे लोगों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वार्ड पार्षदों का आरोप है कि नगर परिषद के अंदर चल रहे विवाद का असर विकास कार्यों पर पड़ रहा है। हालांकि कार्यपालक पदाधिकारी का कहना है कि नगर परिषद शहर की मूलभूत समस्याओं के समाधान के लिए लगातार काम कर रही है और जलजमाव जैसी समस्याओं से राहत दिलाने के लिए अतिक्रमण हटाने का अभियान आगे भी जारी रहेगा।

