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जेडीयू ने पार्टी के पूर्व प्रदेश महासचिव अरविंद कुमार सिंह उर्फ छोटू सिंह के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने शुक्रवार को पटना स्थित प्रदेश कार्यालय से आदेश जारी करते हुए छोटू सिंह को तत्काल प्रभाव से पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया। साथ ही उन्हें अगले छह वर्षों के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है। हालिया विवाद के बाद लिया गया फैसला पिछले कुछ दिनों से जेडीयू में संगठनात्मक बदलाव को लेकर अंदरूनी नाराजगी की चर्चा थी। इसी दौरान पार्टी कार्यालय में वरिष्ठ नेताओं के साथ छोटू सिंह की तीखी बहस हुई थी। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें वह पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष के सामने नाराजगी जताते नजर आए थे। इसके बाद पार्टी नेतृत्व ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया और अनुशासनात्मक कार्रवाई का फैसला किया। आधिकारिक पत्र में क्या कहा गया जेडीयू की ओर से जारी पत्र संख्या 138/26 में कहा गया है कि अरविंद कुमार सिंह उर्फ छोटू सिंह दल विरोधी गतिविधियों में शामिल पाए गए हैं। इसी कारण उन्हें तत्काल प्रभाव से प्राथमिक सदस्यता से निलंबित करते हुए 6 सालों के लिए पार्टी से निष्कासित किया गया है। आदेश की प्रतियां पार्टी के सभी संबंधित पदाधिकारियों और संगठनात्मक इकाइयों को भेज दी गई हैं। अनुशासन पर सख्त संदेश इस कार्रवाई के जरिए जेडीयू ने साफ संकेत दिया है कि पार्टी के भीतर अनुशासनहीनता या दल विरोधी गतिविधियों को किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। पार्टी नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि संगठन के नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई की जाएगी।

