
कोलकाता : बारुईपुर सामूहिक दुष्कर्म और हत्या मामले में जांच अधिकारी को फिर से बदल दिया गया है. प्रभारी अधिकारी जयंत पोद्दार को उनके पद से हटा दिया गया है. इस बार इस मामले की जिम्मेदारी डीएसपी और डीईबी शांतनु मुखर्जी को सौंपी गई है. बारुईपुर घटना के एक सप्ताह के भीतर ही दो जांच अधिकारियों का तबादला हो चुका है.
शुभेंदु अधिकारी के दौरे के बाद तबादला
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी शनिवार को बरुईपुर गए. उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और उन्हें एक बार फिर न्याय का आश्वासन दिया. इसके बाद वे भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या किए गए व्यक्ति के घर पहुंचे. वहां उन्होंने मृतक के परिवार को 25 लाख रुपये का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने का वादा किया. वहां से लौटने के बाद पुलिस मंत्री शुभेंदु ने बारुईपुर पुलिस चौकी का उद्घाटन किया. इसके बाद उन्होंने एक प्रशासनिक बैठक की.
अब तक दो बार बदले गये जांच अधिकारी
शुभेंदु के वहां से लौटते ही जांच अधिकारी बदल गया. जब नाबालिग के परिवार ने पहली बार गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, तब दिगंता मंडल प्राथमिक जांच अधिकारी थे. फिर बलात्कार और हत्या का मामला दर्ज हुआ. उस समय दिगंता को हटाकर जयंत पोद्दार को जांच अधिकारी बनाया गया. हालांकि, सूत्रों के अनुसार, जांच की गति और प्रकृति को और बढ़ाने के लिए, इस बार यह जिम्मेदारी बरुइपुल जिला पुलिस के डीएसपी और डीईबी शांतनु मुखर्जी को सौंपी गई.
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इस मामले में दो और गिरफ्तार
इस बीच, सूर्यपुर, बारुईपुर में हुई लिंचिंग की घटना के सिलसिले में दो और लोगों को गिरफ्तार किया गया है. गिरफ्तार लोगों को आज बारुईपुर उपजिला अदालत में पेश किया जाएगा. संयोग से, जिस दिन नाबालिग का शव बरामद हुआ, उसी दिन एक व्यक्ति को आरोपी होने के संदेह में पीट-पीटकर मार डाला गया. पुलिस मंत्री और मुख्यमंत्री शुभेंदु ने पहले दावा किया था कि वह व्यक्ति ‘निर्दोष’ था. उन्होंने यह भी कहा था कि घटना की जांच की जाएगी. गिरफ्तारियों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ रही है. इस बीच, पुलिस ने बलात्कार के मामले में एक आरोपी का एनकाउंटर कर लिया है.
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