
WB Land Aquisition Policy: पश्चिम बंगाल में औद्योगिक विकास और निवेश को गति देने के लिए राज्य सरकार ने एक नीतिगत बदलाव किया है. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी सरकार की ओर से सीधे जमीन खरीदकर निवेशकों को उपलब्ध कराने की घोषणा का राज्य के प्रमुख कारोबारी संगठनों ने जोरदार स्वागत किया है. उद्योग जगत का मानना है कि इस कदम से राज्य में उद्योग लगाने की राह में आने वाली सबसे बड़ी अड़चन खत्म होगी.
ममता बनर्जी सरकार की नीतियों को शुभेंदु ने बदला
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की यह घोषणा पूर्ववर्ती ममता बनर्जी नीत तृणमूल कांग्रेस सरकार की नीतियों से पूरी तरह अलग है. सिंगूर और नंदीग्राम आंदोलनों की पृष्ठभूमि को देखते हुए पिछली सरकार ने निजी उद्योगों के लिए जमीन के जबरन अधिग्रहण या सीधी सरकारी भागीदारी पर रोक लगा रखी थी.
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उद्योग जगत के 3 प्रमुख संगठनों की प्रतिक्रियाएं
- कलकत्ता चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष अनंत सहारिया ने कहा कि सरकार द्वारा सीधे जमीन खरीदकर मुहैया कराने की सुव्यवस्थित प्रक्रिया राज्य में नये और मौजूदा दोनों तरह के निवेशकों को आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगी. उन्होंने कहा कि इससे पश्चिम बंगाल के औद्योगिक विकास में तेजी आयेगी, जिससे भारी मात्रा में पूंजी निवेश होगा और रोजगार के ढेरों अवसर पैदा होंगे.
- मर्चेंट्स चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने कहा कि सरकार की यह पहल संभावित निवेशकों को अपनी औद्योगिक इकाइयों के लिए आसानी से और बिना किसी कानूनी अड़चन के जमीन हासिल करने में बड़ी मदद करेगी.
- भारत चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष नरेश पचीसिया ने फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि इससे उद्योगपतियों और उद्यमियों का राज्य के प्रति भरोसा बढ़ेगा. उन्होंने कहा कि बड़े औद्योगिक निवेश के लिए जमीन की उपलब्धता, उसका सही मूल्यांकन और त्वरित प्रशासनिक मंजूरी सबसे महत्वपूर्ण कारक होते हैं.
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