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लखीसराय जिले के चानन प्रखंड के धनवह बेलदरिया गांव निवासी 70 वर्षीय राजेंद्र बिंद की मृत्यु के बाद शव वाहन उपलब्ध न कराने के मामले में जांच शुरू हो गई है। सदर अस्पताल के उपाधीक्षक (डीएस) डॉ. कुमार अमित के निर्देश पर गठित दो सदस्यीय जांच कमेटी ने सोमवार से अपनी प्रक्रिया प्रारंभ की। जांच टीम में एसएनसीयू प्रभारी डॉ. विभूषण और डॉ. हरदीप बगेरिया शामिल हैं। इन चिकित्सकों ने जिला एंबुलेंस पदाधिकारी कन्हैया कुमार सहित मामले से जुड़े सभी आरोपी कर्मियों को तलब कर उनके बयान दर्ज किए। जांच के दौरान टीम ने पीड़ित परिजनों से मोबाइल फोन पर संपर्क किया और पूरी घटना की जानकारी ली। परिजनों ने एंबुलेंस न मिलने से हुई परेशानी और कर्मियों के अनुचित व्यवहार के बारे में बताया। जांच टीम ने घटना पर खेद व्यक्त करते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ न्यायसंगत कार्रवाई का आश्वासन दिया। मरीज के परिजनों के प्रति व्यवहार अनुचित था
पूछताछ के दौरान, आरोपी एंबुलेंस कर्मी अपनी गलती स्वीकार करने के बजाय पीड़ित परिजनों को ही गलत साबित करने का प्रयास करते दिखे। वहीं, अस्पताल प्रबंधन ने जांच टीम के समक्ष स्वीकार किया कि मरीज की मौत के तुरंत बाद सुरक्षाकर्मी के माध्यम से संबंधित एंबुलेंस कर्मी को सूचना दे दी गई थी, फिर भी समय पर शव वाहन उपलब्ध नहीं कराया गया। अस्पताल प्रशासन ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य विभाग के नियमानुसार, रेफरल या मरीज की मृत्यु की स्थिति में ऑनलाइन बुकिंग की अनिवार्यता नहीं होती। ऐसे मामलों में संबंधित कर्मियों की जिम्मेदारी है कि वे तत्काल एंबुलेंस उपलब्ध कराएं। जांच टीम ने प्रारंभिक जांच में यह भी माना कि एंबुलेंस कर्मी का मरीज के परिजनों के प्रति व्यवहार अनुचित था। जांच टीम विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर अस्पताल प्रबंधन को सौंपेगी। रिपोर्ट मिलने के बाद दोषी पाए जाने वाले कर्मियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी और इसकी जानकारी सार्वजनिक की जाएगी। उल्लेखनीय है कि इस घटना को दैनिक भास्कर डिजिटल ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया और जांच के आदेश दिए गए।


