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गिरिडीह पुलिस ने नीरज हाजरा अपहरण और हत्याकांड का खुलासा किया है। इस मामले में मृतक की होने वाली पत्नी उर्मिला कुमारी और उसके जीजा सुभाष पासवान उर्फ राजदेव हाजरा को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, दोनों के बीच प्रेम संबंध था, जिसके चलते उन्होंने नीरज की हत्या की साजिश रची। इस हत्याकांड में सुभाष पासवान का एक साथी भी शामिल है, जो फिलहाल फरार है। जमुआ थाना क्षेत्र के भिखोडीह गांव निवासी 20 वर्षीय नीरज हाजरा राजस्थान में मजदूरी करता था। उसकी शादी 7 जुलाई को उर्मिला कुमारी से तय थी। राजस्थान से लौटने पर लापता हो गया नीरज
नीरज 4 जुलाई को राजस्थान से अपने घर लौटा, लेकिन उसी दिन रहस्यमय तरीके से लापता हो गया। 5 जुलाई को उसके पिता शुभम हाजरा ने जमुआ थाना में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। बाद में अपहरण की आशंका के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई। एसपी डॉ. बिमल कुमार के निर्देश पर खोरीमहुआ एसडीपीओ अमरेंद्र कुमार के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया। शादी के दिन जमुई में मिली लाश
जांच के दौरान 7 जुलाई को बिहार के जमुई जिले के बिचकोडवा थाना क्षेत्र स्थित बेला जंगल से एक अज्ञात शव बरामद हुआ। बाद में इस शव की पहचान नीरज हाजरा के रूप में की गई। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन और गहन पूछताछ के आधार पर उर्मिला कुमारी और सुभाष पासवान को हिरासत में लिया। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। हत्या में इस्तेमाल दो चाकू बरामद
खोरीमहुआ एसडीपीओ अमरेंद्र कुमार ने बताया कि उर्मिला कुमारी और सुभाष पासवान के बीच प्रेम संबंध था, लेकिन परिवार ने उर्मिला की शादी नीरज से तय कर दी थी। शादी से पहले ही दोनों ने नीरज को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। उन्होंने नीरज की हत्या कर उसके शव को बिहार के जमुई जिले के बेला जंगल में फेंक दिया, ताकि किसी को शक न हो। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त स्कूटी, हत्या में इस्तेमाल किए गए दो चाकू बरामद किए हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की आगे भी जांच जारी है और अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।
