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शेखपुरा में कृषि व्यवस्था को सुदृढ़ करने और किसानों की आय व सुविधाओं को बढ़ाने के उद्देश्य से समाहरणालय परिसर स्थित मंथन सभागार में ‘कृषि टास्क फोर्स’ की एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी शेखर आनंद ने की। उन्होंने कृषि, सिंचाई, पशुपालन, मत्स्य और गव्य विकास से जुड़ी योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की और संबंधित पदाधिकारियों को लंबित कार्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने किसानों को समय पर कृषि इनपुट उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि जिले के सभी योग्य किसानों के बीच शत-प्रतिशत बीजों का वितरण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, योग्य किसानों को किसान सम्मान निधि का लाभ दिलाने और बिना किसी परेशानी के उचित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। खाद की कालाबाजारी और जमाखोरी में संलिप्त लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने का भी आदेश दिया गया। अपूर्ण कार्यों को समय पर पूरा करने का निर्देश खेतों की सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर बल दिया गया। जिलाधिकारी ने जिले के पारंपरिक जल स्रोतों, जैसे आहर और पइन के जीर्णोद्धार कार्य में तेजी लाने और अपूर्ण कार्यों को समय पर पूरा करने का निर्देश दिया, ताकि जल संचयन और सिंचाई बेहतर ढंग से हो सके। सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से जिले के 29 नलकूपों के जीर्णोद्धार/निर्माण के लिए जल्द से जल्द डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) तैयार करने के भी निर्देश दिए गए। शत-प्रतिशत किसानों का पंजीकरण करने का निर्देश सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ किसानों तक पहुंचाने के लिए शत-प्रतिशत किसानों का पंजीकरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। इसके अतिरिक्त, किसानों को उनकी जमीन की मिट्टी की गुणवत्ता के अनुसार वैज्ञानिक तरीके से खेती करने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु मृदा स्वास्थ्य कार्ड का लाभ दिलाने के निर्देश भी दिए गए।
जिले में प्याज उत्पादक किसानों को उनकी फसल का सही मूल्य मिल सके और भंडारण के अभाव में फसल नष्ट न हो, इसके लिए प्याज भंडारण गृह निर्माण हेतु डीपीआर बनाने का भी निर्देश दिया गया। जिला पशुपालन पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि वे मवेशियों को पानी पीने में होने वाली असुविधा को दूर करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में नाद (पानी पीने का स्थान) का निर्माण जल्द से जल्द कराएं। बैठक के दौरान जिला पदाधिकारी शेखर आनंद ने जिला कृषि पदाधिकारी को निर्देश दिया कि वे केवल जिला स्तर की बैठकों पर निर्भर न रहें, बल्कि अपने स्तर से भी लगातार प्रखंडवार योजनाओं की गहन समीक्षा करें और धरातल पर जाकर निरीक्षण करें। इस समीक्षा बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी,जिला गव्य विकास पदाधिकारी, सभी प्रखंडों के प्रखंड कृषि पदाधिकारी सहित कृषि व संबंधित विभागों के कई अन्य जिला स्तरीय पदाधिकारी सहित अन्य मौजूद थे।


