![]()
रांची के ओरमांझी स्थित राजद के पूर्व एमएलसी सुबोध कुमार के तरंगनी लीकर्स प्राइवेट लिमिटेड बॉटलिंग फैक्ट्री में उत्पाद विभाग के बड़े छापे और भारी मात्रा में अवैध शराब की बरामदगी के मामले में अब अंतिम विभागीय कार्रवाई की तैयारी तेज हो गई है। विभाग द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस का सामना कर रहे तीनों मुख्य पक्षों फैक्ट्री के बाउंड ऑफिसर, संचालक और ब्रांड पार्टनर रेडिको खेतान ने अपना-अपना आधिकारिक जवाब उत्पाद विभाग को सौंप दिया है। उत्पाद विभाग की टीम इन तीनों से मिले जवाबों की गहन समीक्षा और जांच कर रही है। विभाग द्वारा तैयार की जा रही इसी समीक्षा रिपोर्ट के आधार पर इस पूरे सिंडिकेट पर अंतिम निर्णय रांची के उपायुक्त लेंगे। इस मामले में सबसे बड़ा मोड़ फैक्ट्री में तैनात बाउंड ऑफिसर सह उत्पाद विभाग के सब-इंस्पेक्टर रूपेश कुमार के जवाब से आया है, जिसने पूरे मामले में गड़बड़ी का आरोप लगाया है। बाउंड ऑफिसर रूपेश कुमार ने बताया है कि फैक्ट्री में उनकी अनुपस्थिति का फायदा उठाकर फैक्ट्री परिसर के भीतर अवैध रूप से शराब की बॉटलिंग की जाती थी और बिना किसी आधिकारिक कागजात या अनुमति के गुप्त तरीके से उसे बाहर अन्य जगहों पर भेजा जाता था। इस बात का जिक्र रूपेश कुमार ने ओरमांझी थाने में दर्ज प्राथमिकी में भी की है। दूसरे राज्यों के स्टिकर की हो रही है समीक्षा…
छापेमारी के दौरान फैक्ट्री से 303 पेटी अवैध विदेशी शराब और 70 पेटी बियर बरामद हुई थी, जिन पर दूसरे राज्यों में बिक्री के लिए निर्धारित (सेल फॉर उत्तर प्रदेश व सेल फॉर दिल्ली) स्टिकर लगे हुए थे। इस बिंदु पर कंपनी के संचालक की ओर से मिले जवाब को उत्पाद विभाग बहुत ही बारीकी से खंगाल रहा है। किस ब्रांड के शराब की बॉटलिंग का था करार, हो रही जांच
रेडिको कंपनी ने जवाब में बताया है कि तरंगनी लीकर्स के साथ उनके किस-किस विशिष्ट ब्रांड की शराब की बॉटलिंग का आधिकारिक करार था। विभाग अब इस सूची का मिलान जब्त की गई अवैध शराब के ब्रांड्स से कर रहा है ताकि ब्रांड के दुरुपयोग की सीमा तय की जा सके। समीक्षा रिपोर्ट के बाद रांची डीसी लेंगे अंतिम फैसला
उत्पाद विभाग की टीम तीनों पक्षों के जवाबों के आधार पर अपनी विस्तृत जांच व समीक्षा रिपोर्ट तैयार कर रही है। इस रिपोर्ट को जल्द ही रांची उपायुक्त के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। कानूनन, इस बॉटलिंग फैक्ट्री के लाइसेंस को सस्पेंड/ कैंसल करने या आर्थिक दंड लगाने का अंतिम निर्णय रांची उपायुक्त ही लेंगे।

