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बक्सर के चिलबिला गांव में कुकुढ़ा पंचायत के सरपंच सुभाष सिंह की हत्या के मामले में पुलिस ने 17 लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की है। इस घटना के 24 घंटे के भीतर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो महिलाओं सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। इटाढ़ी थानाध्यक्ष सोनू कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में तेजनारायण सिंह, रंगनाथ सिंह, पूनम देवी और बुद्धा देवी शामिल हैं। पुलिस अन्य नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है और मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। यह घटना चिलबिला गांव में डेढ़ बीघा जमीन की जुताई को लेकर हुए विवाद के बाद हुई। दो पक्षों के बीच शुरू हुआ विवाद हिंसक झड़प में बदल गया, जिसमें लाठी-डंडों से हुए हमले में सरपंच सुभाष सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके दोनों पुत्र अखिलेश सिंह और वेंकटेश सिंह भी इस हमले में जख्मी हुए। 3 घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया तीनों घायलों को इलाज के लिए सदर अस्पताल, बक्सर लाया गया, जहां चिकित्सकों ने सरपंच सुभाष सिंह को मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया था। इधर, सरपंच की हत्या के बाद बक्सर सरपंच संघ ने जिला प्रशासन से कई महत्वपूर्ण मांगें की हैं। संघ के अध्यक्ष और चुन्नी पंचायत के सरपंच वीर बहादुर सिंह के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इसमें मृतक सरपंच के आश्रित परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता, परिवार के एक योग्य सदस्य को सरकारी नौकरी और घायलों के समुचित इलाज की व्यवस्था करने की मांग शामिल है। इसके अतिरिक्त, सरपंच संघ ने जिले के जनप्रतिनिधियों के लंबित सुरक्षा (आर्म्स) आवेदनों का तत्काल निपटारा कर सुरक्षा उपलब्ध कराने, पीड़ित परिवार और मुख्य गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा सभी आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी कर स्पीडी ट्रायल के माध्यम से कड़ी सजा दिलाने की भी मांग की है।
संघ का आरोप है कि जमीन विवाद की जानकारी पूर्व से प्रशासन को होने के बावजूद समय पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, जिससे इतनी बड़ी घटना हुई।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर पूरे मामले का अनुसंधान निष्पक्ष ढंग से पूरा किया जाएगा।

