
West Bengal Crime News: रिश्तों को शर्मसार करने वाले एक मामले में पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले की माथाभांगा महकमा अदालत ने फैसला सुना दिया है. अपनी ही 12 साल की बेटी से लगातार दुष्कर्म करने के आरोपी पिता को कोर्ट के अतिरिक्त जिला जज संदीप चक्रवर्ती ने दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास (Life Imprisonment) की सजा सुनायी है. अदालत ने दोषी पर 50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है.
पीड़िता की मां ने दिखायी हिम्मत, दर्ज करायी प्राथमिकी
वर्ष 2021 में यह घटना सामने आयी थी. जब इस बात की जानकारी पीड़िता की मां को हुई, तो उसने बिना देर किये पारिवारिक लोक-लाज को दरकिनार कर कानून का दरवाजा खटखटाया. पीड़िता की मां ने 13 जून 2021 को कूचबिहार जिले के घोकसाडांगा थाने में पति के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज करायी. शिकायत के आधार पर पुलिस ने पॉक्सो (POCSO) कानून समेत विभिन्न गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की.
46 दिन में पुलिस ने दाखिल की चार्जशीट
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने भी मुस्तैदी दिखायी और महज 46 दिनों के भीतर अदालत में चार्जशीट (आरोप पत्र) दाखिल कर दी. इसके बाद 11 जनवरी 2023 को अदालत ने मामले में चार्ज फ्रेम (आरोप तय) किया, जिसके बाद नियमित सुनवाई शुरू हुई.
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10 गवाहों और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर 5 साल में फैसला
इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से पीड़िता और उसकी मां सहित कुल 10 लोगों की गवाही दर्ज करायी गयी. पुलिस द्वारा जुटाये गये वैज्ञानिक व परिस्थितिजन्य साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर अदालत ने आरोपी पिता को इस जघन्य अपराध का दोषी पाया. आखिरकार शुक्रवार को अतिरिक्त जिला जज संदीप चक्रवर्ती ने सारे साक्ष्यों को सही मानते हुए आरोपी को आखिरी सांस तक जेल में रहने यानी उम्रकैद की सजा सुना दी.
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