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सीवान के धनौती ओपी थाना क्षेत्र के धनौती गांव में वर्षों से चले आ रहे जमीनी विवाद ने रविवार को खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। दो पट्टीदारों के बीच हुए हिंसक विवाद में एक पक्ष की 60 वर्षीय महिला समेत तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल पक्ष का आरोप है कि विरोधी पक्ष ने जान से मारने की नीयत से पहले दो राउंड फायरिंग की, जिसमें एक गोली शीला देवी के सिर को छूते हुए निकल गई। इसके बाद चाकू, लाठी और डंडे से हमला कर दिया गया। हमले में शीला देवी का सिर फट गया, उनका अंगूठा कट गया, जबकि बचाने पहुंचे बेटे मुकेश कुमार राय के हाथ में भी चाकू लग गया। सभी घायलों का इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है। घायलों की पहचान धनौती गांव निवासी योगेंद्र राय की पत्नी शीला देवी (60 वर्ष) तथा उनके पुत्र अरुण कुमार राय (31 वर्ष) और मनीष कुमार राय (30 वर्ष) के रूप में हुई है। मूल दस्तावेज लेकर न्याय की गुहार लगाई गई
घायल मनीष कुमार राय ने आरोप लगाया कि जमीन विवाद को लेकर कई बार धनौती ओपी में मूल दस्तावेज लेकर न्याय की गुहार लगाई गई, लेकिन थाना प्रभारी दिनेश कुमार पाण्डेय ने उनके कागजात को जाली बताकर उन्हें और उनके परिजनों को थाने से भगा दिया। उनका कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे दूसरे पक्ष का मनोबल बढ़ गया और आखिरकार मामला खूनी संघर्ष तक पहुंच गया। मनीष का आरोप है कि रविवार को हुई घटना के बाद भी उनके पिता सूचना देने धनौती ओपी पहुंचे, लेकिन थाना प्रभारी ने उनकी बात सुनने के बजाय डांटते हुए थाने से भगा दिया और कहा कि “झूठा आरोप लगा रहे हो, यहां से भागो।” गंभीरता को देखते हुए एफएसएल टीम को भी बुलाया गया
पीड़ित परिवार का कहना है कि यदि पुलिस पहले ही निष्पक्ष कार्रवाई करती तो आज यह नौबत नहीं आती और परिवार पर जानलेवा हमला नहीं होता। हालांकि, धनौती ओपी प्रभारी दिनेश कुमार पाण्डेय ने सभी आरोपों को गलत बताया।उन्होंने कहा कि घटना की सूचना मिलते ही वह स्वयं पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल टीम को भी बुलाया गया। उनके अनुसार यह पूर्व से चले आ रहे जमीन विवाद में दो पट्टीदारों के बीच हुई मारपीट है। अभी तक पीड़ित पक्ष से लिखित आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। आवेदन मिलते ही प्राथमिकी दर्ज कर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
