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गिरिडीह जिले के गांडेय थाना क्षेत्र के झरगट्टा गांव में जंगली मशरूम खाने से एक ही परिवार के छह सदस्य फूड पॉइजनिंग का शिकार हो गए। सभी को इलाज के लिए गिरिडीह सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार जारी है। बीमार होने वालों में 18 वर्षीय नेहा कुमारी, 50 वर्षीय दशरथ गोस्वामी, 19 वर्षीय कृष्णा गोस्वामी, 4 वर्षीय अर्चना कुमारी, 25 वर्षीय विशाल गोस्वामी और 45 वर्षीय गीता देवी शामिल हैं। परिजनों के अनुसार, परिवार के सदस्यों ने दोपहर में जंगल से लाए गए मशरूम की सब्जी बनाकर खाई थी। भोजन करने के कुछ ही देर बाद सभी को उल्टी, पेट दर्द, घबराहट और बेचैनी की शिकायत होने लगी। तबीयत बिगड़ने पर परिजनों ने उन्हें तत्काल गिरिडीह सदर अस्पताल पहुंचाया। सदर अस्पताल के चिकित्सकों ने बताया कि समय पर अस्पताल पहुंचने के कारण सभी मरीजों की स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है और उन्हें आवश्यक उपचार दिया जा रहा है। इस घटना के बाद चिकित्सकों ने लोगों से अपील की है कि वे जंगल से लाए गए या बिना पहचान वाले जंगली मशरूम का सेवन करने से बचें। विशेषज्ञों का कहना है कि कई प्रकार के जंगली मशरूम जहरीले होते हैं, जिनके सेवन से गंभीर फूड पॉइजनिंग, आंतरिक अंगों को नुकसान और जान का खतरा हो सकता है। उन्होंने किसी भी परेशानी की स्थिति में तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल पहुंचने की सलाह दी है।


