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पूर्वी क्षेत्रीय परिषद समन्वय समिति की बैठक झारखंड सहित पांच राज्यों के साइबर अपराधियों का एक संयुक्त डेटाबेस बनेगा। फर्जी सिम बेचने वाले वेंडर्स का सत्यापन होगा और म्यूल अकाउंट (किराए के बैंक खाते) को तुरंत ब्लॉक कराने के लिए राज्यों में नोडल अफसर नियुक्त होंगे। पांचों राज्यों की साइबर टीम के लिए संयुक्त ट्रेनिंग कार्यक्रम चलाए जाएंगे। यह फैसला पूर्वी क्षेत्रीय परिषद समन्वय समिति (ईआरपीसीसी) की मंगलवार को हुई उच्चस्तरीय बैठक में लिया गया। बैठक में झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के डीजीपी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। बैठक का मुख्य एजेंडा सीमावर्ती इलाकों में संगठित अपराध, नक्सली गतिविधियों को रोकने, साइबर ठगी के नेटवर्क को ध्वस्त करने और मादक पदार्थों की तस्करी प्रभावी अंकुश लगाना था। -शेष पेज 9 पर जानिए… क्यों है यह बैठक महत्वपूर्ण


