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सीतामढ़ी में जिला कांग्रेस कमेटी ने गुरुवार को आक्रोश मार्च निकाला। यह प्रदर्शन दिल्ली सहित देशभर में पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में किया गया। जिलाध्यक्ष अमित कुमार टुन्ना के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने गांधी मैदान से वीर कुंवर सिंह चौक तक मार्च किया। मार्च के दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन किया। ‘पेपर लीक बंद करो’ और ‘धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो’
कार्यकर्ताओं ने ‘भाजपा सरकार मुर्दाबाद’, ‘छात्रों पर जुल्म बंद करो’, ‘पेपर लीक बंद करो’ और ‘धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो’ जैसे नारे लगाए। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि देशभर में लगातार हो रहे पेपर लीक से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। उनका कहना था कि सरकार दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाय छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। यूथ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष मोहम्मद शम्स शाहनवाज ने केंद्र सरकार पर संवेदनहीनता का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब छात्र अपने भविष्य के लिए संघर्ष कर रहे हैं, तब प्रधानमंत्री और सरकार केवल सोशल मीडिया तक सीमित हैं। शाहनवाज ने मांग की कि सरकार को छात्रों की समस्याएं सुननी चाहिए थीं, लेकिन इसके बजाय शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर पुलिस बल का प्रयोग किया गया। पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगी
उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार पेपर लीक होने के बावजूद दोषियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे युवाओं का भरोसा बहाल हो सके। शाहनवाज ने सरकार से जवाब मांगा कि अब तक कितने बड़े आरोपियों पर कार्रवाई हुई है और परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं। शाहनवाज ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि यदि सरकार को छात्रों की चिंता है, तो प्रधानमंत्री मोदी को जंतर-मंतर जाकर छात्रों का मुंह मीठा कराने के लिए मेलोडी चॉकलेट बांटनी चाहिए। उन्होंने दोहराया कि कांग्रेस छात्रों के सम्मान, सुरक्षित भविष्य और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगी।


