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मुंगेर के लड़ैयाटांड़ थाना क्षेत्र स्थित भैसादाह जंगल में शुक्रवार को एसटीएफ और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त सर्च अभियान चलाया। इस दौरान छह केन बम, नक्सली साहित्य और दो नक्सली वर्दी बरामद की गई। बरामदगी के बाद पूरे जंगल क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। जमालपुर एसटीएफ के डीएसपी पंकज कुमार ने बताया कि उन्हें भैसादाह जंगल में संदिग्ध विस्फोटक सामग्री छिपाए जाने की गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के सत्यापन के बाद एसटीएफ और लड़ैयाटांड़ थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने जंगल में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। जांच में पता चला बम काफी पुराने अभियान के दौरान टीम को छह केन बम, नक्सली साहित्य और दो नक्सली वर्दी मिली। हालांकि, तलाशी के दौरान कोई संदिग्ध व्यक्ति मौके पर नहीं मिला। प्राथमिक जांच में पता चला है कि बरामद केन बम काफी पुराने हैं और लंबे समय तक जंगल में पड़े रहने के कारण उनमें मौजूद विस्फोटक सामग्री निष्क्रिय हो चुकी थी। सभी बरामद सामग्री को जब्त कर आगे की कार्रवाई के लिए लड़ैयाटांड़ थाना को सौंप दिया गया है। आसपास के गांवों से जानकारी जुटाई पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इन विस्फोटकों को जंगल में कब, किसने और किस उद्देश्य से छिपाया था। इसके लिए आसपास के गांवों से जानकारी जुटाई जा रही है। संदिग्ध गतिविधियों और पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि मामले के हर पहलू की गहन जांच की जा रही है। उल्लेखनीय है कि बिहार पुलिस मुख्यालय पहले ही राज्य को नक्सल मुक्त घोषित कर चुका है। मुंगेर में 18 फरवरी को नक्सली सुरेश कोड़ा की गिरफ्तारी के बाद मुंगेर रेंज के डीआईजी ने भी जिले को नक्सल मुक्त बताया था। ऐसे में जंगल से केन बम और नक्सली सामग्री की बरामदगी के बाद सुरक्षा एजेंसियां जांच कर रही हैं कि यह सामग्री पुराने नक्सली नेटवर्क का हिस्सा है या किसी अन्य गतिविधि से संबंधित है। एसटीएफ और मुंगेर पुलिस का सर्च ऑपरेशन क्षेत्र में लगातार जारी है।


