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सहरसा में नशीली दवाओं की अवैध बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए शुक्रवार को एक बड़ा छापेमारी अभियान चलाया गया। इस दौरान एक कॉस्मेटिक दुकान से भारी मात्रा में ट्रामाडोल कैप्सूल और अल्प्राजोलम टैबलेट बरामद किए गए। दुकान संचालक को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह अभियान गुरुवार रात गांधी पथ निवासी विशाल कुमार गौरव की गिरफ्तारी के बाद शुरू हुआ। पुलिस ने उसके पास से 16 नशीले कैप्सूल बरामद किए थे। पूछताछ में गौरव ने बताया कि वह शंकर चौक स्थित एक कॉस्मेटिक दुकान से ये कैप्सूल खरीदता था। पुलिस की निशानदेही पर संबंधित कॉस्मेटिक दुकान पर छापेमारी की गई। यहां से 192 ट्रामाडोल कैप्सूल और 88 अल्प्राजोलम टैबलेट जब्त किए गए। दुकान संचालक अभिषेक कुमार से इन दवाओं की बिक्री के लिए वैध लाइसेंस और आवश्यक दस्तावेज मांगे गए। लेकिन वह कोई अनुमति प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया और कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। सहरसा, सुपौल और मधेपुरा के औषधि निरीक्षकों की एक संयुक्त टीम ने दंडाधिकारी सह प्रखंड कल्याण पदाधिकारी कहरा निखिल मिश्रा, मद्य निषेध विभाग और पुलिस बल की मौजूदगी में शहर के बंगाली बाजार, सराही रोड और कोसी चौक सहित आधा दर्जन से अधिक मेडिकल व कॉस्मेटिक प्रतिष्ठानों की जांच की। टीम ने स्टॉक रजिस्टर, खरीद-बिक्री के बिल, औषधि लाइसेंस और प्रतिबंधित दवाओं के रखरखाव से जुड़े अभिलेखों की पड़ताल की। कई दवाओं के नमूने भी जांच के लिए एकत्र किए गए हैं। औषधि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बिना डॉक्टर के पर्चे के नशीली और प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री की लगातार शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद यह विशेष अभियान चलाया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे। बिना लाइसेंस प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री या अवैध कारोबार में संलिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


