![]()
कोडरमा में जंगली हाथियों का उत्पात लगातार बढ़ता जा रहा है। बीती रात हाथियों के झुंड ने नवलशाही थाना क्षेत्र के पोलवाबर और देवीपुर गांवों के साथ-साथ मरकच्चो थाना क्षेत्र के पपलो गांव में जमकर तांडव मचाया। इस दौरान कई घरों को नुकसान पहुंचाया गया। खेतों में लगी फसलों को रौंद दिया गया। गांव में हाथियों के प्रवेश की खबर मिलते ही लोगों में अफरा-तफरी मच गई। महिलाएं और बच्चे डर के कारण घरों में ही दुबके रहे। ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों का झुंड आए दिन गांवों में घुस रहा है। पोलवाबर और देवीपुर में भारी नुकसान पोलवाबर गांव में हाथियों के झुंड ने श्रीलाल टुडू के कच्चे मकान को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। इतना ही नहीं, हाथियों ने घर में रखा करीब 4 क्विंटल चावल और 4 क्विंटल महुआ भी खा लिया। घटना के समय गृहस्वामी किसी तरह अपनी जान बचाकर भागने में सफल रहे। वहीं देवीपुर गांव में हाथियों ने एक व्यक्ति की बाउंड्री वॉल गिरा दी। खेत में लगी फसल को रौंदकर पूरी तरह नष्ट कर दिया। मरकच्चो थाना क्षेत्र के पपलो गांव में भी हाथियों ने एक मकान को गिरा दिया पुआल को तहस-नहस कर दिया। इससे पहले गुरुवार रात को भी मरकच्चो के देवीपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय, चिलोडीह में हाथियों ने उत्पात मचाते हुए स्कूल के कमरे का दरवाजा तोड़ दिया था। बच्चों के मध्याह्न भोजन के लिए रखा लगभग दो क्विंटल चावल खा लिया था। वन विभाग पर लापरवाही का आरोप ग्रामीणों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि पिछले एक वर्ष में हाथियों के हमलों में एक दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, बावजूद इसके वन विभाग द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। कई बार सूचना देने के बावजूद विभाग की टीम समय पर नहीं पहुंचती। ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से मांग की है कि हाथियों को जल्द से जल्द जंगल की ओर खदेड़ा जाए। प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।

