भास्कर न्यूज |गढ़वा जेसीएम के जिला अध्यक्ष निशान्त चतुर्वेदी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का स्वागत करते हुए इसे देश के करोड़ों छात्रों के संघर्ष, धैर्य और छात्र शक्ति की ऐतिहासिक जीत बताया है। उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा में कथित धांधली और पेपर लीक के विरोध में जंतर-मंतर पर कई सप्ताह से चल रहे शांतिपूर्ण आंदोलन और भूख हड़ताल के बाद सरकार को आखिरकार झुकना पड़ा। यह इस्तीफा लोकतांत्रिक तरीके से लड़े गए छात्र आंदोलन की सफलता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक मंत्री का इस्तीफा नहीं, बल्कि उन लाखों छात्र-छात्राओं की नैतिक जीत है, जिन्होंने अपने भविष्य और निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था की मांग को लेकर आवाज बुलंद की। शिक्षा मंत्री को इस मामले की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पहले ही पद छोड़ देना चाहिए था। हालांकि देर से लिया गया यह फैसला भी छात्र आंदोलन की बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि जेसीएम ने शुरुआत से ही जिला स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक छात्रों की आवाज उठाई। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की खबर के बाद जिले में संगठन के कार्यकर्ताओं ने मिठाई बांटकर खुशी जताई और इसे छात्र एकजुटता की जीत बताया। उन्होंने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य केवल इस्तीफा नहीं था, बल्कि देश की परीक्षा प्रणाली में व्यापक और पारदर्शी सुधार सुनिश्चित करना भी है। उन्होंने केंद्र सरकार से नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की कार्यप्रणाली की समीक्षा कर परीक्षा व्यवस्था में आमूलचूल सुधार करने की मांग की। साथ ही पेपर लीक और परीक्षा संबंधी तनाव के कारण जान गंवाने वाले छात्रों के परिजनों को उचित वित्तीय मुआवजा देने और आंदोलन के दौरान छात्रों और कार्यकर्ताओं पर दर्ज सभी मुकदमे अविलंब वापस लेने की भी मांग की।
