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गुमला के सांवरिया गांव में तीन वर्षीय अगस्ती कुमारी की बांकी नदी में डूबने से मौत हो गई। बच्ची के पिता जीतराम भगत किसान हैं। शनिवार को पूरा परिवार धान रोपने के लिए खेत गया हुआ था। परिजनों के अनुसार, दोपहर करीब 2 बजे अगस्ती अपने बड़े भाई बासु भगत के साथ खाना खाने बैठी थी। इसी दौरान किसी काम से पिता घर की ओर चले गए। परिवार के अन्य सदस्य खेत में काम में व्यस्त थे। इसी बीच बच्ची चुपचाप वहां से निकलकर नदी की ओर चली गई। जब पिता वापस लौटे और बच्ची को नहीं देखा, तो परिवार में हड़कंप मच गया। तत्काल उसकी तलाश शुरू कर दी गई। रविवार सुबह नदी से मिला शव परिजनों और ग्रामीणों ने शनिवार शाम तक बच्ची की काफी खोजबीन की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद प्रशासन को सूचना दी गई। स्थानीय स्तर पर भी तलाश अभियान चलाया गया, फिर भी बच्ची का पता नहीं चल सका। रविवार सुबह एक बार फिर तलाशी अभियान तेज किया गया। इसी दौरान बांकी नदी में बच्ची का शव बरामद हुआ। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल गुमला भेज दिया। एसआई मंगल टुडू ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। लगातार बारिश से उफान पर नदियां गौरतलब है कि पिछले दो-तीन दिनों से जिले में मानसून पूरी तरह सक्रिय है, जिसके कारण लगातार बारिश हो रही है। बारिश के चलते बांकी समेत अन्य नदियां उफान पर हैं। कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। जिला प्रशासन ने पहले ही अलर्ट जारी करते हुए लोगों को नदी और जलस्रोतों के पास जाने से बचने की चेतावनी दी है। इसके बावजूद लापरवाही सामने आ रही है। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है, वहीं प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बरसात के दौरान बच्चों पर विशेष नजर रखें। नदी-नालों के पास जाने से परहेज करें।

