Monday, July 27, 2026

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पूर्वी सिंहभूम में खाट पर मरीज को 4km ढोया:गांव तक नहीं पहुंची एंबुलेंस; जायजा लेने गए SDO के पैर में हुआ दर्द, बीच रास्ते से लौटे


पूर्वी सिंहभूम के डुमरिया प्रखंड के जादूगोड़ा गांव स्थित चीटामाटी टोला से सामने आई एक तस्वीर ने विकास के दावों की हकीकत उजागर कर दी। यहां गंभीर रूप से बीमार टोला प्रधान जंगल हेंब्रम को अस्पताल पहुंचाने के लिए ग्रामीणों को खटिया का सहारा लेना पड़ा। परिजनों ने 108 एंबुलेंस सेवा को कई बार फोन किया, लेकिन कोई मदद नहीं मिली। सड़क न होने के कारण गाड़ियां गांव तक नहीं पहुंच सकती हैं। मजबूरी में खाट पर मरीज को लेकर गांव से परिजन निकले। मजबूरी में ग्रामीणों ने लकड़ी की खटिया पर मरीज को लिटाया और बारी-बारी से कंधा देते हुए पथरीले, ऊबड़-खाबड़ और खतरनाक पहाड़ी रास्तों से करीब चार किलोमीटर दूर कानीकोचा तक पहुंचाया। वहां से निजी वाहन की व्यवस्था कर उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही सिस्टम पर सवाल खड़े हो गए। खबर छपते ही दौड़े अफसर, पैदल चढ़ाई में छूटी सांसें मामले की गंभीरता सामने आने के बाद प्रशासनिक अमला हरकत में आया। घाटशिला के एसडीओ अमिताभ भगत, सीओ पवन कुमार और बीडीओ निलेश मुर्मू खुद जमीनी स्थिति देखने पहुंचे। अधिकारियों ने गाड़ी छोड़कर पहाड़ी पगडंडी से पैदल चढ़ाई शुरू की, लेकिन उबड़-खाबड़ पत्थरों, तीखी ढलानों और कठिन रास्तों ने उनकी हालत बिगाड़ दी। कुछ ही दूरी पर अधिकारी हांफने लगे और आगे बढ़ना मुश्किल हो गया। इसी दौरान एसडीओ के पैर में पुरानी समस्या के कारण तेज दर्द भी उभर आया, जिसके चलते टीम को बीच रास्ते से लौटना पड़ा। हालांकि इस छोटी सी पैदल यात्रा ने अधिकारियों को यह अहसास करा दिया कि ग्रामीण रोजाना किस तरह जान जोखिम में डालकर सफर करते हैं। सड़क के लिए सर्वे शुरू, वर्षों की मांग में जगी उम्मीद निरीक्षण के दौरान एसडीओ ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सड़क निर्माण से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं जल्द पूरी की जाएं। इसके बाद जिला परिषद के कनीय अभियंता राजकुमार ने सड़क के लिए मापी और सर्वे का काम शुरू कर दिया। वर्षों से पक्की सड़क की मांग कर रहे ग्रामीणों में अब उम्मीद जगी है कि जल्द ही उनकी बस्ती मुख्य मार्ग से जुड़ पाएगी। ग्रामीणों का कहना है कि यहां बीमार पड़ने पर खटिया ही एंबुलेंस बन जाती है। बरसात के दिनों में हालात और भी भयावह हो जाते हैं। सियासत भी गरम; जांच और कार्रवाई की मांग घटना के बाद ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति नाराजगी साफ दिख रही है। उनका कहना है कि आज भी वे सड़क, स्वास्थ्य और आपात सेवाओं जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। उन्होंने 108 एंबुलेंस सेवा की लापरवाही की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

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