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सिटी रिपोर्टर | बोकारो भारती साहित्य परिषद की ओर से कोऑपरेटिव कॉलोनी स्थित रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन सभागार में हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में परिचर्चा सह काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। अध्यक्षता मुख्य संरक्षक साहित्यकार सुखनंदन सिंह सदय ने की, जबकि मुख्य अतिथि डॉ. आशा पुष्प उपस्थित रहीं। शुभारंभ ज्योति वर्मा की सरस्वती वंदना से हुआ। डॉ. आशा पुष्प ने आईआईटी में हिंदी को प्रवेश दिलाने वाले श्याम रुद्र पाठक तथा उन्हें समर्थन देने वाले ज्ञानी जैल सिंह व अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान को याद किया। सुखनंदन सिंह सदय ने कहा कि हिंदी का साहित्य विश्व स्तर पर बेहद समृद्ध है और इसके प्रचार-प्रसार में हिंदी सिनेमा की बड़ी भूमिका रही है। काव्य गोष्ठी में संजू कुमारी ने हम महिलाएं नहीं किसी से कम…, विनय कुमार तिवारी ने “जोड़ती आयी है हिन्दी हिन्दुस्तान को… तथा नीतू सिसोदिया ने मन का खालीपन… कविता सुनाकर खूब तालियां बटोरीं। डॉ. राम नारायण सिंह, रीना यादव, अरुण पाठक, डॉ. रंजना श्रीवास्तव, रिंकू गिरि, डॉ. एस. एस. प्रसाद, मनोज कुमार सुमन, डॉ. परमेश्वर भारती और डॉ. मनोज कुमार सिंह आदि ने प्रस्तुति दी। संचालन डॉ. परमेश्वर भारती व धन्यवाद ज्ञापन उपाध्यक्ष डॉ. आरएन सिंह ने दिया।
परिचर्चा व गोष्ठी में कवियों ने बांधा समां
