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भोजपुर के बिलौटी गांव के भरत तिवारी के पिता ने कहा है कि बांकीपुर उपचुनाव में चुनाव प्रचार करने के लिए प्रशांत किशोर ने कोई शर्त नहीं रखा था। इस बारे में उनका ना किसी प्रकार का कॉल आया था, ना इस प्रकार का कोई बात हुई है। जिसके जवान बेटे की हत्या हो गई हो, उस परिवार की दिमागी हालत क्या होगी, आप अंदाजा लगा सकते हैं। उन्होंने कहा कि मेरी पत्नी आशा देवी के सामने जो जैसा बोल रहा है, वो बस हां में हां मिला दे रही है। वो बिलकुल नवर्स है। दरअसल, भरत की मां आशा देवी और भाभी सुमन देवी ने हाल ही में दावा किया था कि प्रशांत किशोर ने उन्हें बांकीपुर चुनाव में प्रचार–प्रसार करने के लिए बुलाया था। भरत की मां और भाभी के इस दावे के बाद बिहार राजनीति गरमा गई थी। सोमवार को जनसुराज की टीम भरत तिवारी के घर जाकर पूरे मामले की जानकारी ली। इसके बाद भरत तिवारी के पिता काशीनाथ तिवारी ने कहा कि प्रशांत किशोर ने ऐसी कोई शर्त नहीं रखी थी। ‘पत्नी बोल रही है कि जो न्याय दिलाएगा, मैं उसके साथ हूं’ भरत के पिता काशीनाथ तिवारी ने कहा कि जो जैसा बोल रहा है, मेरी पत्नी उसी के हिसाब से बात कर रही है। मेरी पत्नी आशा बोल रही है कि जो मुझे न्याय दिलाएगा हम उसी के साथ हैं। उन्होंने कहा कि जो इंसान नर्वस होता है, वो कुछ भी बोल सकता है। वहीं, भरत तिवारी के घर पहुंची जनसुराज की नेता पद्मा ओझा ने कहा कि भरत के परिवार को यूज किया जा रहा है। परिवार को नहीं पता है कि पटना के बांकीपुर में उपचुनाव हो रहा है। इस चुनाव को लेकर कथा रणनीति बनाई गई है, क्योंकि बीजेपी चुनाव में मात खा रही है। उन्होंने कहा कि बांकीपुर विधानसभा की जनता मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी एवं भाजपा से नाराज है। सम्राट चौधरी खुद को बचाने के लिए मनोज तिवारी के साथ मिलकर जनसुराज को बदनाम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब भरत तिवारी की हत्या हुई थी, तब न तो मनोज तिवारी भरत के घर आए थे, न भाजपा का कोई बड़ा चेहरा उनके घर आया था। उन्होंने कहा कि अगर सम्राट चौधरी चाहते तो वारदात के बाद आरोपी पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार करा सकते थे। भरत की मां से मिले पवन सिंह बोले- कुछ रिश्ते दिल से निभाए जाते हैं वहीं, सोमवार को ही भरत तिवारी की मां आशा देवी से भोजपुरी पावर स्टार पवन सिंह ने मुलाकात की। भरत की मां आशा देवी ने जैसे ही अपनी पीड़ा सुनानी शुरू की, माहौल भावुक हो गया। पवन सिंह ने सबसे पहले आशा देवी के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया और फिर पूरे घटनाक्रम की सिलसिलेवार जानकारी ली। आशा देवी की बातें सुनते-सुनते वे भी भावुक हो गए और परिवार को हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि भरत अब वापस नहीं आएगा, लेकिन उसके सपनों को अधूरा नहीं रहने दिया जाएगा। आशा देवी ने कहा कि उनके बेटे ने हमेशा गरीबों और जरूरतमंदों की आवाज उठाई, लेकिन उसे गोली मार दी गई। उन्होंने कहा कि घटना के बाद भी अब तक किसी आरोपी पुलिसकर्मी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, जिससे परिवार खुद को असहाय महसूस कर रहा है। पवन बोले- मैं यहां दिखावा करने नहीं, बल्कि अपने मां-बाप से मिलने आया हूं आशा देवी की बातें सुनने के बाद पवन सिंह ने भावुक होकर कहा, “मैं आपके घर का बेटा हूं, ज्यादा बोलने की आदत नहीं है। अब भाई तो लौटकर नहीं आएगा, लेकिन उसके हर सपने को पूरा करने की कोशिश करूंगा। मां का एक-एक आंसू बेकार नहीं जाएगा। मैं यहां दिखावा करने नहीं आया हूं, बल्कि अपने मां-बाप से मिलने आया हूं। अब आगे क्या करना है, कैसे करना है, उसके लिए हम परिवार के साथ मजबूती से खड़े हैं। उन्होंने कहा कि उनकी नजर शुरू से भरत तिवारी के परिवार पर थी और एनडीए की सरकार भी परिवार के साथ खड़ी है। पवन सिंह ने कहा कि न्याय की लड़ाई लड़ना हर किसी के बस की बात नहीं होती। परिजनों से मुलाकात के बाद पवन सिंह ने अपने सोशल मीडिया पर तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा, “कुछ वादे शब्दों से नहीं, दिल से निभाए जाते हैं। स्वर्गीय भाई भरत तिवारी जी के हर एक सपने को पूरा करने की कोशिश करूंगा।”

