गुमला| जिला प्रशासन ने अधिक से अधिक पात्र छात्राओं को उच्च शिक्षा से जोड़ने के लिए अज़ीम प्रेमजी स्कॉलरशिप पर जिलेभर में व्यापक जागरूकता अभियान शुरू करने का फैसला किया है। यह स्कॉलरशिप झारखंड सहित देश के 20 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों में लागू है। प्रशासन के अनुसार पिछले वर्ष महाविद्यालयों, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (KGBV) और +2 विद्यालयों के माध्यम से बड़ी संख्या में छात्राओं तक पहुंच बनाई गई थी। आवेदन प्रक्रिया में सहायता भी दी गई थी। इसके बावजूद समीक्षा में सामने आया कि कुछ छात्राओं के आवेदन फॉर्म और दस्तावेज ऑनलाइन सही तरीके से अपलोड नहीं हो पाए। इस कारण वे चयन प्रक्रिया में आगे नहीं बढ़ संकीं। इसी अनुभव के आधार पर शैक्षणिक सत्र 2027-28 के लिए आवेदन प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और व्यवस्थित बनाने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत जिले के सभी महाविद्यालयों, संबंधित विभागों, प्रखंड प्रशासन, शिक्षा विभाग और सहयोगी संस्थाओं के साथ समन्वय कर अभियान चलाया जाएगा। उद्देश्य यह है कि कोई भी पात्र छात्रा आवेदन से वंचित न रहे। स्कॉलरशिप के लिए पात्रता में शर्तें तय की गई हैं। छात्रा ने कक्षा 10 और कक्षा 12 दोनों सरकारी विद्यालय से नियमित छात्रा के रूप में उत्तीर्ण की हो। छात्रा ने सत्र 2027-28 में किसी मान्यता प्राप्त स्नातक डिग्री या डिप्लोमा के प्रथम वर्ष के नियमित पाठ्यक्रम में प्रवेश लिया हो। योजना के तहत पात्र छात्राओं को 30,000 रुपये प्रतिवर्ष छात्रवृत्ति दी जाती है। इसका उपयोग ट्यूशन फीस और अन्य शैक्षणिक जरूरतों के लिए किया जा सकता है। यह सहायता स्नातक पाठ्यक्रम की पूरी अवधि तक उपलब्ध रहेगी। राउंड-1 के लिए ऑनलाइन आवेदन 10 अगस्त 2026 से 31 अगस्त 2026 तक किए जा सकेंगे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह निःशुल्क है। छात्राएं जरूरी दस्तावेजों के साथ पोर्टल पर स्वयं आवेदन कर सकती हैं। उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो ने महाविद्यालयों के प्राचार्यों, प्रखंड प्रशासन, शिक्षा विभाग, जनप्रतिनिधियों और अभिभावकों से पात्र छात्राओं की पहचान कर आवेदन में सहयोग करने की अपील की है।

