रांची14 मिनट पहलेलेखक: विनय चतुर्वेदी
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सेकेंडरी (माध्यमिक) और हायर सेकेंडरी (उच्च माध्यमिक) कक्षाओं में झारखंड का छात्र-शिक्षक अनुपात देश में सबसे खराब है। 9-10 कक्षाओं के लिए राष्ट्रीय औसत 15 छात्रों पर एक शिक्षक का है, पर झारखंड का यह अनुपात 31 छात्रों पर एक शिक्षक का है।
इसी प्रकार 11-12 कक्षा में राष्ट्रीय औसत 23 है, पर झारखंड में एक शिक्षक के जिम्मे 52 छात्र हैं। अगर प्राइमरी (1-5) और अपर प्राइमरी (6-8) की बात करें, तो यहां भी तस्वीर उत्साहजनक नहीं है।
यू-डायस के ताजा आंकड़ों के मुताबिक 1-5 कक्षाओं के लिए राष्ट्रीय औसत 19 छात्रों पर एक शिक्षक का है, पर झारखंड में यह अनुपात 26:1 है। अपर प्राइमरी (6-8) का राष्ट्रीय औसत 17:1 के मुकाबले झारखंड का अनुपात 28:1 का है। यह स्थिति इसलिए भी विषम है, क्योंकि झारखंड उन राज्यों में शामिल है, जहां हजारों स्कूल एक शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं। राज्य में 9,800 से अधिक ऐसे स्कूल हैं, जो महज एक शिक्षक के सहारे संचालित हो रहे हैं। इससे शिक्षा की गुणवत्ता बुरी तरह प्रभावित हो रही है।
प्राइमरी-अपर प्राइमरी में भी स्थिति संतोषजनक नहीं 10,500 सहायक आचार्यों की नियुक्ति, फिर भी 18 हजार पद खाली हाल ही में 10 हजार 500 सहायक आचार्यों की नियुक्ति हुई है, फिर भी 18 हजार से अधिक पद रिक्त हैं। शिक्षकों के यह पद राज्य के प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में लंबे समय से रिक्त पड़े हैं। नियमित नियुक्तियों में होने वाले प्रशासनिक विलंब, अदालती मामलों और नियमावली के पेंच के कारण यह खाई लगातार चौड़ी होती जा रही है। शिक्षकों की इस भारी कमी के कारण एक ही शिक्षक को कई विषयों और कक्षाओं की जिम्मेदारी संभालनी पड़ती है। इसका सीधा असर बच्चों के सीखने के स्तर और माध्यमिक स्तर पर बढ़ते ड्रॉपआउट रेट पर पड़ता है।
हाल में हुई नियुक्ति कुल विज्ञापित पद: 26,001 अब तक नियुक्त अभ्यर्थी: 10,500 श्रेणीवार विज्ञापित पद इंटर प्रशिक्षित सहायक आचार्य (कक्षा 1–5) : 11,000 स्नातक प्रशिक्षित सहायक आचार्य (कक्षा 6–8) : 15,001
आगे क्या…इन स्कूलों में घंटी आधारित शिक्षक नियुक्त करने की तैयारी राज्य सरकार ने अब उन प्राइमरी और अपर प्राइमरी स्कूलों में घंटी आधारित शिक्षक नियुक्त करने का प्रस्ताव बना रही है। एक शिक्षक वाले जिन स्कूलों में 100 छात्र हैं, वहां घंटी आधारित तीन शिक्षक नियुक्त किए जाएंगे। वहीं 100 से कम छात्र होने पर घंटी आधारित दो शिक्षक रखे जाएंगे। इसके लिए उसी गांव के दो लोगों का चयन किया जाएगा। ये कम से कम चार घंटी पढ़ाएंगे। प्राइमरी स्कूलों में एक घंटी के लिए 200 रुपए और अपर प्राइमरी में 250 रुपए दिए जाएंगे।


