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200 अफसरों की टीम कर रही जांच, दिल्ली व कोलकाता से बुलाए गए है फारेंसिक एक्सपर्ट मेसर्स रामकृपाल सिंह कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड और उसकी 10 सहयोगी कंपनियों के खिलाफ आयकर विभाग की छापेमारी दूसरे दिन शुक्रवार को भी जारी रही। झारखंड, बिहार और हरियाणा के पांच प्रमुख ठिकानों पर चल रही यह कार्रवाई शनिवार को भी जारी रहेगी। अब तक की जांच में सामने आया है कि कंपनियों ने फर्जी बिलों के जरिए बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी की है। 200 से अधिक आयकर अधिकारियों की टीम पूरे वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है। फर्जी बिलों और डिजिटल डेटा के तकनीकी विश्लेषण के लिए दिल्ली और कोलकाता से फॉरेंसिक विशेषज्ञों की विशेष टीम भी बुलाई गई है। टीम 5 ठिकानों पर जांच में जुटी है। इनमें रांची के पंचवटी प्लाजा के शॉप नं-702 में कंपनी का क्षेत्रीय कार्यालय, बिहार के बेगूसराय के कृष्णा नगर में मुख्य कार्यालय व हरियाणा के गुरुग्राम के सेक्टर-54 स्थित सनसिटी शॉपिंग आर्केड में कॉर्पोरेट कार्यालय शामिल हैं। 10 सहयोगी कंपनियां भी रडार पर
आयकर विभाग के अनुसार, रामकृपाल सिंह कंस्ट्रक्शन ने सहयोगी कंपनियों के माध्यम से टैक्स चोरी और अघोषित संपत्ति बनाने का पूरा नेटवर्क तैयार किया था। जांच के दायरे में मेसर्स रामकृपाल सिंह कंस्ट्रक्शन, आयुष श्रेयस प्रॉपर्टी प्रा. लि., आरकेएससीपीएल इंफ्रा प्रा. लि., आरकेएससीपीएल प्रोजेक्ट प्रा. लि. समेत 10 सहयोगी इकाइयां शामिल हैं। डिजिटल साक्ष्य जब्त, आज सामने आ सकती है बड़ी तस्वीर: छापेमारी में डिजिटल उपकरण, फाइलें, हार्ड ड्राइव और संदिग्ध वित्तीय दस्तावेज जब्त किए गए हैं। सूत्रों के अनुसार, शनिवार को जांच पूरी होने के बाद कर चोरी के वास्तविक आंकड़ों की तस्वीर और अधिक स्पष्ट होने की उम्मीद है। बता दें कि कंपनी एनएच, खनन, स्टेडियम, आवासीय परिसर व पुल-पुलिया निर्माण के बड़े ठेके लेती है।


