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श्रावण मास की पहली सोमवारी (3 अगस्त) के लिए करीब 8 लाख श्रद्धालु आज सुल्तानगंज के नमामि गंगे और उत्तरवाहिनी घाट से गंगाजल लेकर देवघर के बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए निकलेंगे। सबसे ज्यादा भीड़ के नमामि गंगे घाट पर पहुंचने की उम्मीद है। दरअसल, ये घाट नया बना है। उत्तर वाहिनी के पुराने घाट के मुकाबले इसे अधिक बेहतर तरीके से सजाया गया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। मेला क्षेत्र में मजिस्ट्रेट और सिपाही श्रद्धालुओं के वेष में तैनात रहेंगे। पूरे मेला क्षेत्र और कच्ची कांवरिया पथ पर सुरक्षा के लिए 15 अस्थायी थाने बनाए गए हैं। 4 हजार पुलिस बल, दंडाधिकारी, होमगार्ड और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है। संवेदनशील स्थलों पर CCTV कैमरों और ड्रोन के माध्यम से 24 घंटे निगरानी की जाएगी। श्रद्धालु को रहने के टेंट सिटी, स्विस कॉटेज, धर्मशाला और अस्थायी आवास की व्यवस्था की गई है। जिसमें लगभग 3 हजार श्रद्धालुओं की रहने की व्यवस्था है वही, जीविका दीदी के तरफ से कम कीमतों पर खाने की व्यवस्था की गई है। तीन तस्वीरों में देखिए कावंरियों की भीड़… मेला उद्घाटन के बाद 3 दिनों में करीब 9 लाख श्रद्धालुओं ने उठाए जल गुरुवार को श्रावणी मेला के उद्घाटन के बाद से शनिवार शाम तक तीन दिनों में करीब 9 लाख श्रद्धालुओं ने उत्तर वाहिनी और नमामि गंगे घाट से जल उठाया है। दोनों गंगा घाट पर श्रद्धालुओं के स्नान के लिए दो अलग-अलग घाट बनाए गए हैं। दोनों घाटों पर एक तरफ महिला तो दूसरी तरफ पुरुष गंगा में डुबकी लगा रहे हैं। घाट पर ही चेंजिंग रूम की व्यवस्था है। वही, दो दर्जन से ज्यादा अस्थाई शौचालय का भी व्यवस्था कराया गया है। रात में आवाजाही के लिए हाईमास्ट और एलईडी लाइटें भी लगाई गई हैं श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कच्ची कांवरिया पथ की सफाई, समतलीकरण और मरम्मत कराई गई है। रात में आवागमन के लिए हाईमास्ट और एलईडी लाइटें लगाई गई हैं। जगह-जगह शुद्ध पेयजल, वाटर टैंकर, अस्थायी शौचालय, स्नानघर और विश्राम स्थलों की व्यवस्था की गई है। स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर मार्ग में चिकित्सा शिविर, एंबुलेंस, डॉक्टर और प्राथमिक उपचार केंद्र तैनात किए गए हैं। वहीं, खोया-पाया केंद्र, सूचना केंद्र और पब्लिक एड्रेस सिस्टम भी सक्रिय रहेंगे। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एसडीआरएफ, गोताखोर और आपदा राहत दल को अलर्ट मोड में रखा गया है। इस बार पहली बार कच्ची कांवरिया पथ पर हेड काउंट कैमरा और ऑटोमैटिक काउंटिंग डिवाइस लगाए गए हैं, जिससे श्रद्धालुओं की संख्या का रियल टाइम आकलन किया जा सकेगा। साथ ही खाद्य सामग्री और पेयजल की दुकानों पर खाद्य सुरक्षा एवं मूल्य नियंत्रण को लेकर नियमित जांच भी कराई जा रही है।

