पटना54 मिनट पहले
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बिहार सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 1990 बैच की रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी शोभा ओहटकर को बिहार कर्मचारी चयन आयोग (BSSC) का नया स्थायी अध्यक्ष नियुक्त किया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है। हाल ही में 30 जून 2026 को गृह रक्षा वाहिनी एवं अग्निशमन सेवा के महानिदेशक (डीजी) पद से सेवानिवृत्त हुईं शोभा ओहटकर अब आयोग की कमान संभालेंगी।
इससे पहले BSSC के अध्यक्ष का अतिरिक्त प्रभार वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अरविंद कुमार चौधरी के पास था। अब स्थायी अध्यक्ष की नियुक्ति के साथ आयोग के कामकाज में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
लंबित परीक्षाओं, भर्ती प्रक्रिया में आएगी तेजी
पिछले कुछ समय से बिहार कर्मचारी चयन आयोग में स्थायी अध्यक्ष नहीं होने के कारण कई महत्वपूर्ण भर्तियां और परीक्षाएं प्रभावित हो रही थीं। सरकार का मानना है कि नए अध्यक्ष की नियुक्ति से भर्ती प्रक्रिया तेज होगी और समय पर परीक्षाएं आयोजित कराई जा सकेंगी।
इन प्रमुख परीक्षाओं में तेजी आने की संभावना है—
- BSSC द्वितीय इंटर स्तरीय संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा
- BSSC चतुर्थ स्नातक स्तरीय (CGL-4) परीक्षा
- विभिन्न विभागों की तकनीकी एवं गैर-तकनीकी भर्तियां
बिहार सरकार आने वाले समय में 1.72 लाख से अधिक पदों पर नियुक्तियां करने की तैयारी में है। ऐसे में BSSC की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।
पारदर्शी भर्ती और पेपर लीक पर रोक होगी प्राथमिकता
सरकार का कहना है कि शोभा ओहटकर के नेतृत्व में आयोग की कार्यप्रणाली अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनेगी। उनकी सख्त प्रशासनिक छवि को देखते हुए माना जा रहा है कि भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी, पेपर लीक और परीक्षा माफियाओं पर प्रभावी नियंत्रण लगाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकते हैं।
‘हंटर वाली मैडम’ के नाम से रही हैं चर्चित
शोभा ओहटकर बिहार पुलिस की सबसे सख्त महिला अधिकारियों में गिनी जाती हैं। दरभंगा, पटना, वैशाली और सारण जैसे जिलों में पुलिस अधीक्षक रहते हुए उन्होंने अपराधियों और मनचलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की थी। इसी वजह से लोग उन्हें ‘हंटर वाली मैडम’ के नाम से पहचानने लगे थे। उनकी कार्यशैली अनुशासन, त्वरित कार्रवाई और कानून के सख्त पालन के लिए जानी जाती रही है।
बिहार की पहली महिला DG बनने का भी मिला गौरव
शोभा ओहटकर बिहार पुलिस के इतिहास में महानिदेशक (डीजी) का पद संभालने वाली पहली महिला आईपीएस अधिकारी रही हैं। अपने कार्यकाल में उन्होंने गृह रक्षा वाहिनी (होमगार्ड) और अग्निशमन सेवा के आधुनिकीकरण पर विशेष ध्यान दिया।
उनके नेतृत्व में होमगार्ड बल में बड़े स्तर पर सुधार किए गए और 15 हजार से अधिक नए जवानों को प्रशिक्षण देकर सेवा में शामिल किया गया।
36 वर्षों का प्रशासनिक अनुभव
महाराष्ट्र के पुणे की रहने वाली शोभा ओहटकर ने हैदराबाद से राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर की पढ़ाई की है। वे महज 22 वर्ष की उम्र में आईपीएस अधिकारी बनी थीं। वर्ष 1992 में पटना सिटी में सहायक पुलिस अधीक्षक (एएसपी) के रूप में उन्होंने अपने प्रशासनिक करियर की शुरुआत की थी। करीब 36 वर्षों तक विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं देने के बाद अब वे बिहार कर्मचारी चयन आयोग के अध्यक्ष के रूप में नई जिम्मेदारी निभाएंगी।


