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कई बोगस कंपनियों के मिले फर्जी बिल, हवाला ट्रांजेक्शन भी, अब पेनाल्टी की तैयारी निर्माण क्षेत्र की प्रमुख कंपनी मेसर्स रामकृपाल सिंह कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड और उसकी 10 सहयोगी कंपनियों के ठिकानों पर आयकर विभाग (अनुसंधान शाखा) की चार दिनों से जारी व्यापक छापेमारी रविवार को समाप्त हो गई। झारखंड, बिहार और हरियाणा में चली इस कार्रवाई में विभाग को करीब 350 करोड़ रुपए की वित्तीय अनियमितता की जानकारी मिली है, जिसका कंपनी प्रबंधन कोई हिसाब नहीं दे सका है। इसके अतिरिक्त आयकर की टीम को 50 करोड़ रुपए के हवाला ट्रांजेक्शन के भी प्रमाण मिले हैं। इस आधार पर विभाग अब कंपनी पर पेनाल्टी लगाने की तैयारी में है। छापेमारी के दौरान मिले व्हाट्सएप चैट और डिजिटल साक्ष्यों ने हवाला के जरिए रकम के लेन-देन को उजागर किया है। रांची से लेकर गुरुग्राम तक चली कार्रवाई
यह पूरी कार्रवाई झारखंड के रांची (कचहरी रोड स्थित पंचवटी प्लाजा, फ्लैट 702), बिहार के बेगूसराय (कृष्णा नगर कार्यालय) और हरियाणा के गुरु ग्राम (सेक्टर-54, सनसिटी शॉपिंग आर्केड) स्थित कॉरपोरेट ऑफिस समेत अन्य ठिकानों पर 200 से अधिक अधिकारियों और जवानों की मौजूदगी में की गई। इस जांच के दायरे में मेसर्स रामकृपाल सिंह कंस्ट्रक्शन (आरकेएससी) के अलावा आयुष श्रेयस प्रॉपर्टी प्राइवेट लिमिटेड, आरकेएससीपीएल इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड और आरकेएससीपीएल प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड जैसी सहयोगी कंपनियां शामिल हैं, जो राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधीन सड़क, स्टेडियम, पुल-पुलिया, आवासीय परिसर और खनन क्षेत्र में कार्यरत हैं। आगे क्या… अब नोटिस के बाद पेनाल्टी की तैयारी
आयकर विभाग 350 करोड़ रु. की अनअकाउंटेड रकम और कर चोरी के आधार पर विभाग कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी कर आयकर अधिनियम की धारा 271(1)(c) टैक्स डिमांड के साथ भारी पेनाल्टी और ब्याज का नोटिस जारी कर सकता है। हवाला के मामलों की रिपोर्ट आगे की दंडात्मक कार्रवाई के लिए संबंधित एजेंसी को भेजी जा सकती है।

