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गयाजी में नगर निगम सफाई कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल सोमवार को पांचवें दिन भी जारी रही। शहर की हर बड़ी- छोटी सड़कों पर कचरे का अंबार लगा है। बारिश के मौसम में गंदगी और संक्रमण का खतरा भी बढ़ गया है। हड़ताल के बीच बड़ी प्रशासनिक और राजनीतिक पहल देखने को मिली। बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी और उनके प्रतिनिधि सर्किट हाउस पहुंचे। बिहार विधानसभा अध्यक्ष सह नगर विधायक डॉ. प्रेम कुमार से मुलाकात कर अपनी समस्याएं रखी। हड़ताल खत्म करने पर फैसला नहीं बैठक में एसडीएम अनिल कुमार रमन, नगर आयुक्त डॉ. गगन समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। करीब एक घंटे तक चली वार्ता सकारात्मक माहौल में हुई। कर्मचारियों की स्थानीय समस्याओं पर प्रशासन और नगर निगम ने सहमति भी जता दी। इसके बावजूद हड़ताल खत्म करने पर कोई फैसला नहीं हो सका। इसकी वजह राज्य स्तरीय मांगों का लंबित रहना बताया गया। मीटिंग में स्थानीय और राज्य स्तरीय मांगों को अलग-अलग रखा गया। नगर निगम से जुड़ी 11 सूत्री स्थानीय मांगों में अधिकांश पर सहमति बन गई। कर्मचारियों का कहना है कि करीब 60 प्रतिशत से अधिक स्थानीय समस्याओं का समाधान कर दिया गया है। समस्या के समाधान का मिला आश्वासन डंडीबाग क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, पूर्व नगर आयुक्त के समय बंद हुई एसीपी कटौती में संशोधन, सातवें वेतन आयोग का लाभ और जलापूर्ति सेवा से जुड़े मुद्दों पर प्रशासन ने सकारात्मक रुख दिखाया। अधिकारियों ने भरोसा दिया कि हड़ताल समाप्त होने के बाद बची हुई 10 से 15 प्रतिशत स्थानीय मांगों का भी जल्द समाधान कर दिया जाएगा। नगर विकास मंत्री से विधानसभा अध्यक्ष ने की बात विधानसभा अध्यक्ष ने खुद पहल करते हुए नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा से फोन पर बातचीत की। उन्होंने गयाजी समेत पूरे प्रदेश में सफाई व्यवस्था चरमराने की जानकारी दी। मानसून के बीच गंदगी से फैलने वाली बीमारियों की आशंका भी जताई। उन्होंने मंत्री से सफाई कर्मियों की जायज मांगों पर जल्द वार्ता कर समाधान निकालने का आग्रह किया। इसके बावजूद सफाई कर्मियों ने साफ कर दिया कि केवल स्थानीय सहमति से हड़ताल समाप्त नहीं होगी। ‘फिलहाल हड़ताल पर बने रहेंगे’ नगर निगम सफाई कर्मी संघ के नेता जितेंद्र यादव ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष और नगर आयुक्त के साथ वार्ता सकारात्मक रही है। कई स्थानीय मुद्दों पर सहमति भी बनी है। लेकिन यह आंदोलन पूरे बिहार का है। जब तक पटना में नगर विकास मंत्री के साथ 3 सूत्री राज्य स्तरीय मांगों पर लिखित समझौता नहीं होता। तब तक गयाजी सहित पूरे प्रदेश के सफाई कर्मी हड़ताल पर बने रहेंगे। कर्मचारियों का शोषण करने का आरोप कर्मचारी नेताओं ने आउटसोर्सिंग व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि निजी एजेंसियों और एनजीओ के जरिए कर्मचारियों का शोषण किया जा रहा है। नगर निगम उनका मंदिर है और वे उसकी सेवा करना चाहते हैं, लेकिन कर्मचारियों के अधिकारों से समझौता स्वीकार नहीं होगा। पूरे बिहार में हड़ताल जारी है इधर, हड़ताल के कारण शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित है। प्रमुख सड़कों, बाजारों और मोहल्लों में कचरे का ढेर लगा है। आम लोगों को दुर्गंध और गंदगी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय स्तर पर सहमति बनने से समाधान की उम्मीद जरूर जगी है, लेकिन अब सभी की नजर पटना में होने वाली अगली वार्ता पर टिकी है। जब तक राज्य सरकार और सफाई कर्मियों के बीच 3 सूत्रीय मांगों पर अंतिम समझौता नहीं होता, तब तक गया समेत पूरे बिहार में सफाई व्यवस्था पटरी पर लौटती नहीं दिख रही है।
