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सुपौल जिले के मरौना प्रखंड में कोसी नदी का जलस्तर घटने के साथ ही कटाव ने विकराल रूप धारण कर लिया है। घोघररिया पंचायत के वार्ड संख्या 12 और 13 स्थित खुखनाहा गांव में अबतक तेज कटाव के कारण करीब 40 से 50 परिवारों के घर नदी में समा गए। देखते ही देखते कई घर, आंगन, खेत और जमीन कोसी की धारा में विलीन हो गए, जिससे वर्षों की मेहनत से बनाया गया आशियाना पलभर में उजड़ गया। कटाव से प्रभावित परिवारों के सामने अब रहने और खाने की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। कई लोग खुले आसमान के नीचे शरण लेने को मजबूर हैं। परिवारों को अविलंब मुआवजा देने की मांग ग्रामीणों ने बताया कि घरों के साथ घरेलू सामान, अनाज, पशुओं का चारा और कई जरूरी दस्तावेज भी नदी की धारा में बह गए। बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो गई है, जबकि महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे भय और असुरक्षा के माहौल में दिन गुजार रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि समय रहते प्रभावी कटावरोधी कार्य कराया जाता तो इतनी बड़ी तबाही से बचा जा सकता था। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल राहत सामग्री उपलब्ध कराने, सुरक्षित स्थान पर पुनर्वास कराने और स्थायी कटावरोधी उपाय करने की मांग की है। भाजपा नेता मिथिलेश कुमार यादव ने सरकार से कटाव पीड़ित सभी परिवारों को अविलंब मुआवजा देने की मांग की है। नियमानुसार जल्द राहत सामग्री वितरित की जाएगी वहीं, घोघररिया पंचायत की मुखिया एकता देवी ने बताया कि प्रभावित परिवारों को मुआवजा दिलाने के लिए जिला अधिकारी को सूचना भेज दी गई है। इधर, मरौना के अंचल अधिकारी (सीओ) अभिजीत कुमार से सरकारी मोबाइल पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। मंगलवार की शाम सुपौल डीएम सावन कुमार ने कहा कि प्रशासन की टीम मौके का निरीक्षण करेगी। जांच पूरी होने के बाद कटाव प्रभावित परिवारों के बीच नियमानुसार जल्द राहत सामग्री वितरित की जाएगी। फिलहाल प्रभावित परिवार प्रशासन से त्वरित सहायता और सुरक्षित पुनर्वास की उम्मीद लगाए हुए हैं।

