इटाढ़ी रेलवे क्रॉसिंग को खोलने की मांग अब निर्णायक दौर में पहुंच गई है। 7 अगस्त को प्रस्तावित रेल रोको आंदोलन से पहले रेलवे प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। आंदोलनकारियों की ओर से पहले ही मंडल रेल प्रबंधक समेत रेलवे के विभिन्न अधिकारियों को ज्ञापन देकर आंदोलन की सूचना दे दी गई थी। इसके बाद रेलवे ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और रेलवे सुरक्षा बल को अलर्ट मोड में रखा गया है। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे दलित अति पिछड़ा स्वाभिमान संघर्ष मोर्चा के जिला संयोजक सरोज राजभर ने घोषणा की है कि 7 अगस्त को सुबह 11 बजे से हावड़ा-दिल्ली मुख्य रेल मार्ग पर रेल परिचालन बाधित किया जाएगा। उन्होंने बक्सरवासियों से बड़ी संख्या में रेलवे ट्रैक पर पहुंचकर आंदोलन को सफल बनाने की अपील की है। बक्सर स्टेशन प्रबंधक रजत सक्सेना ने बताया कि आंदोलन की सूचना पहले ही वरीय अधिकारियों तक भेज दी गई है। उनके निर्देश पर रेलवे सुरक्षा बल को रेलवे ट्रैक और स्टेशन परिसर में पर्याप्त संख्या में तैनात रहने के लिए कहा गया है। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी इसी मांग को लेकर रेल परिचालन बाधित करने की कोशिश की गई थी। उस समय रेलवे सुरक्षा बल के 50 से अधिक जवान सुरक्षा में लगाए गए थे। इस बार भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। सरोज राजभर के नेतृत्व में इटाढ़ी रेलवे क्रॉसिंग को खोलने की मांग को लेकर पिछले आठ दिनों से अनिश्चितकालीन धरना जारी है। आंदोलनकारियों का कहना है कि रेलवे क्रॉसिंग बंद होने से छात्रों, किसानों, व्यापारियों, मरीजों, महिलाओं और सावन में जलाभिषेक के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं को रोज भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। कई दौर की वार्ता और ज्ञापन के बावजूद समाधान नहीं निकलने पर अब रेल रोको आंदोलन का निर्णय लिया गया है।

