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मधुबनी में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) योगेंद्र कुमार की अध्यक्षता में मासिक अपराध समीक्षा बैठक हुई। इसमें जुलाई माह में पुलिस के प्रदर्शन की समीक्षा की गई और स्वतंत्रता दिवस की सुरक्षा तैयारियों पर चर्चा हुई। बैठक में 1350 कुख्यात अपराधियों की गिरफ्तारी और जेल भेजने की जानकारी दी गई। यह बैठक मंगलवार शाम 5:00 से मधुबनी समाहरणालय स्थित सभा कक्ष में आयोजित की गई। इसमें अपर पुलिस अधीक्षक, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, यातायात पुलिस उपाधीक्षक, सभी थानाध्यक्ष और अंचल निरीक्षक सहित जिले के अन्य पुलिस अधिकारी शामिल हुए। एसएसपी योगेंद्र कुमार ने जुलाई माह में मधुबनी पुलिस के प्रदर्शन को सराहनीय बताया। उन्होंने बताया कि जुलाई में जिले के विभिन्न थानों में कुल 1300 नए मामले दर्ज किए गए। पुलिस ने इन दर्ज मामलों की तुलना में कई गुना अधिक मामलों में आरोप-पत्र दाखिल कर उनके निष्पादन की दिशा में महत्वपूर्ण कार्रवाई की। इस दौरान कुल 1350 कुख्यात अपराधियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया। इनमें हत्या, दुष्कर्म, मोटरसाइकिल चोरी और शस्त्र अधिनियम जैसे गंभीर अपराधों में संलिप्त 300 से अधिक शातिर अपराधी शामिल थे। बैठक में विभिन्न निर्धारित लक्ष्यों के आधार पर थानों के कार्यों की भी समीक्षा की गई। बाबूबरही थाना पुलिस का प्रदर्शन जिले में सबसे बेहतर पाया गया, जिसके लिए थानाध्यक्ष को सम्मानित किया गया। हालांकि, एसएसपी ने अनुसंधानकर्ताओं की कार्यशैली पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि 55 अनुसंधानकर्ताओं को विशेष लक्ष्य दिए गए थे, जिनमें से केवल 15 ने ही बेहतर प्रदर्शन किया। इन 15 अधिकारियों को उत्कृष्ट कार्य के लिए पुरस्कृत किया गया, जबकि लक्ष्य पूरा नहीं करने वाले अनुसंधानकर्ताओं के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी। एसएसपी ने सभी थानाध्यक्षों और अनुसंधानकर्ताओं को लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन करने का सख्त निर्देश दिया। उन्होंने यह भी कहा कि निर्धारित लक्ष्य से अधिक मामलों का निष्पादन करने वाले पुलिस पदाधिकारियों के प्रदर्शन की सराहना की गई है और शीर्ष दस उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को सम्मानित किया गया है।


