Wednesday, August 12, 2026

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गिरिडीह में 300 बच्चों ने निकाली कांवड़ यात्रा:सरस्वती शिशु विद्या मंदिर के बच्चों ने विश्वनाथ मंदिर में किया जलाभिषेक


सावन माह के अवसर पर गिरिडीह में सरस्वती शिशु विद्या मंदिर के करीब 300 बच्चों ने कांवड़ यात्रा निकाली। बच्चे बोलबम के जयकारे लगाते हुए बरगंडा स्थित विश्वनाथ मंदिर पहुंचे। यहां सभी ने भगवान भोलेनाथ का विधि-विधान से जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की। कांवड़ यात्रा के दौरान बच्चों में उत्साह और भक्ति का माहौल देखने को मिला। बोलबम के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। बच्चे उत्साह के साथ यात्रा में शामिल हुए। विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं भी बच्चों के साथ मौजूद रहे और यात्रा को व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने में सहयोग किया। यात्रा के दौरान बच्चों की सुरक्षा और व्यवस्था का भी विशेष ध्यान रखा गया। तस्वीरों में देखें बाल कांवर यात्रा… विश्वनाथ मंदिर में भोलेनाथ का जलाभिषेक बरगंडा स्थित विश्वनाथ मंदिर पहुंचने के बाद बच्चों ने भगवान शिव का जलाभिषेक किया और पूजा-अर्चना की। इस दौरान बच्चों ने भगवान भोलेनाथ से सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। मंदिर परिसर में बच्चों की धार्मिक आस्था और उत्साह स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। कांवड़ यात्रा के दौरान बच्चों के साथ शिक्षक-शिक्षिकाएं भी लगातार मौजूद रहे। बच्चों के बोलबम के जयकारों से मंदिर परिसर भी भक्तिमय हो गया। सावन के पवित्र महीने में आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम को लेकर विद्यालय के विद्यार्थियों में खासा उत्साह था। बच्चों ने पूरे श्रद्धाभाव से पूजा-अर्चना में हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों ने भी बच्चों को धार्मिक परंपराओं और पूजा-पद्धति की जानकारी दी। भारतीय संस्कृति और संस्कारों से जोड़ना कांवड़ यात्रा का उद्देश्य विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि कांवड़ यात्रा आयोजित करने का मुख्य उद्देश्य बच्चों में भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और संस्कारों के प्रति जागरूकता पैदा करना है। बच्चों को कम उम्र से ही अपनी संस्कृति और विरासत से जोड़ने के साथ उनमें श्रद्धा, संस्कार और सामाजिक भावना विकसित करने के लिए इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। विद्यालय प्रबंधन आनंद कमल ने कहा कि बच्चों को केवल शैक्षणिक ज्ञान तक सीमित रखना पर्याप्त नहीं है। उन्हें भारतीय संस्कृति और परंपराओं से परिचित कराना भी जरूरी है। इसी उद्देश्य से सावन के पवित्र महीने में कांवड़ यात्रा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के सफल आयोजन से बच्चों के साथ शिक्षक और अभिभावक भी उत्साहित दिखे।

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