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‘पापा देखिए, कितनी अच्छी जगह है। मैं, अभिजीत के साथ आराम से पहुंच गया हूं। हम लोगों के साथ और भी दोस्त हैं, जो इधर-उधर हैं। समय मिलेगा तो मां से बात कराइएगा।’ भोजपुर के रहने वाले 22 साल के सोनू ने मंगलवार को ये बातें कहते हुए फोन डिसकनेक्ट कर दिया था। सोनू के पिता संजय प्रसाद बताते हैं कि करीब 20 मिनट बाद ही कॉल आया कि आपका बेटा लैंडस्लाइड की चपेट में आकर घायल हो गया है। इलाज के दौरान अस्पताल में उसकी मौत हो गई। कॉल पर ये भी बताया गया था कि आपके बेटे सोनू के दोस्त अभिजीत की घटनास्थल पर ही मौत हो गई है। दरअसल, लद्दाख के नुब्रा थाना क्षेत्र के खारदुंगला में मंगलवार को हुए लैंडस्लाइड में भोजपुर के रहने वाले सोनू और अभिजीत की मौत हो गई। दोनों की लाश गुरुवार को भोजपुर लाई गई। दोनों का एक ही घाट पर देर शाम अंतिम संस्कार किया गया। सोनू और अभिजीत की कहानी क्या है? दोनों क्या करते थे? सोनू और अभिजीत के परिजन ने बातचीत में और क्या बताया? पढ़िए पूरी रिपोर्ट। सबसे पहले तीन तस्वीरें देखिए सबसे पहले सोनू और अभिजीत की कहानी जानिए बिहिया थाना क्षेत्र के जज बाजार के रहने वाले कारोबारी विकास कुमार के 22 साल का बेटा अभिजीत आनंद और मझौली पंचायत के खाखो बान के रहने वाले संजय प्रसाद के 22 साल के बेटे सोनू कुमार की 10वीं क्लास से ही दोस्ती थी। अभिजीत ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 64 में रहकर गलगोटिया यूनिवर्सिटी से बीसीए की पढ़ाई कर रहा था, जबकि सोनू जगदीशपुर के एक कॉलेज में बीएससी के फाइनल इयर में था। अभिजीत करीब 3 महीने पहले घर आया था। वहीं सोनू छुट्टी में घर आया हुआ था और 4 अगस्त को दिल्ली गया था। इसके बाद 6 अगस्त को सोनू और अभिजीत अपने अन्य दोस्तों के साथ दिल्ली से ट्रेन के जरिए जम्मू-कश्मीर पहुंचे थे। यहां से श्रीनगर होते हुए दोनों अपने दोस्तों के साथ लेह लद्दाख पहुंचे। सोनू और अभिजीत ने अपने अन्य दोस्तों के साथ लेह लद्दाख की एक टूर एंड ट्रैवल कंपनी से किराए पर बाइक ली थी। मंगलवार को लद्दाख से घूमकर लौट रहे थे सोनू और अभिजीत सोनू और अभिजीत मंगलवार को दोनों दोस्त खारदुंगला घूमने के बाद एक ही बाइक से लौट रहे थे। इसी दौरान नुब्रा थाना क्षेत्र में अचानक पहाड़ से मलबा गिरने लगा, जिसकी चपेट में दोनों आ गए। अभिजीत की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल सोनू ने स्थानीय अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। सोनू के सिर में गंभीर चोट लगी थी। उसके सीने और पैर फ्रैक्चर हो गए थे। वहीं, अभिजीत के शरीर के कई हिस्सों में भारी पत्थरों की चोट से फ्रैक्चर हो गया था और सिर में भी गंभीर चोट आई थी। अभिजीत आनंद अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसकी एक छोटी बहन सृष्टि श्रेया है, जो भुवनेश्वर में बीएससी कंप्यूटर की पढ़ाई कर रही है। उसकी मां आरती केसरी हैं, जबकि पिता विकास कुमार बिहिया के चर्चित व्यवसायी हैं। सोनू कुमार तीन भाइयों और दो बहनों में सबसे छोटा था। उसके पिता संजय प्रसाद बिना टीचर ट्रेनिंग कॉलेज में चतुर्थवर्गीय कर्मचारी हैं। बेटे की मौत की खबर सुनने के बाद मां राधिका देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। सोनू के दो बड़े भाई दीपक और सुजीत प्राइवेट नौकरी कर परिवार की जिम्मेदारियां संभालते हैं। सोनू की दो बहनें रीमा और नेहा हैं। ‘मां, बस कुछ और दिन दुख काटना है… इसके बाद मेरी सरकारी नौकरी लग जाएगी’ बेटे सोनू को याद कर उसकी मां राधिका देवी कहती है कि कुछ दिन पहले मेरी सोनू से बात हो रही थी। उसने मुझसे कहा कि मां, बस कुछ और दिन दुख काटना है… इसके बाद मेरी सरकारी नौकरी लग जाएगी। फिर परिवार का बोझ पापा और भाइयों पर कम हो जाएगा। सोनू को अपने परिवार की परेशानियों का अहसास था। वो जानता था कि पिता और भाइयों पर परिवार की जिम्मेदारियां हैं। राधिका देवी ने बताया कि सोनू ने कहा था कि लद्दाख के लेह, जम्मू घूमने जा रहे हैं। उसके बाद फोन करके कहा कि मां मेरे पास पैसे नहीं है, मुझे दो हजार यूपीआई कर दो। हमने कहा कि पापा को अभी सैलरी नहीं मिला है। उसके बाद भी किसी तरह मैनेज कर सोनू को दो हजार रुपए भेजे। राधिका ने कहा कि मैंने सोनू से कहा कि कही भी जाना तो अपना ख्याल रखना। मेरा बेटा मुझे छोड़कर कहीं जाने वाला नहीं था, लेकिन दोस्तों के कहने पर वो मुझसे इतने दूर गया, अब वो लौटकर वापस नहीं आएगा। ‘मेरा भाई पढ़ाई में अव्वल था, जो भी एग्जाम देता था वह फर्स्ट आता था’ सोनू की बड़ी बहन रीमा देवी ने बताया कि मेरा भाई पढ़ाई में अव्वल था, जो भी एग्जाम देता था वह फर्स्ट आता था। भाई ने छुट्टी से वापस जा रहा था, तब कहा था- मैं जल्दी वापस आ जाउंगा, लेकिन वो ताबूत में बंद होकर आया है। भाई की लाश देखी, उसके शरीर पर काफी चोट लगी थी। अभिजीत और सोनू काफी अच्छे दोस्त थे। अभिजीत ने सोनू को फोन कर पहले अपने पास बुलाया था, उसके बाद सभी श्रीनगर से लेह लद्दाख घूमने के लिए गए थे। अभिजीत ने कहा था कि अगर पैसा भी नहीं है तो हम पैसा देंगे। वहीं, अभिजीत के चाचा दीपक केसरी ने बताया कि मेरे भतीजे अभिजीत का पांच दिनों के लिए कॉलेज बंद था। इसी छुट्टी में अभिजीत ने अपने दोस्त सोनू को अपने पास बुलाया और दोनों अपने अन्य दोस्तों के साथ लेह लद्दाख घूमने के लिए चले गए। लेह से 50 किलोमीटर पहले खारदुंगला साइड सीन देखने के दौरान अचानक लैंडस्लाइड हुआ और दोनों इसकी चपेट में आ गए।


