Monday, August 17, 2026

Breaking
News

🕒

Latest
Updates

🔔

Stay
Informed

Top 5 This Week

Related Posts

सरप्लस शिक्षकों के तबादले पर पटना हाईकोर्ट का बड़ा आदेश:जहां हैं वहीं रहेंगे शिक्षक, अगला आदेश आने तक करना होगा इंतजार


सरप्लस के आधार पर शिक्षकों के स्थानांतरण और पदस्थापन के मामले में पटना हाईकोर्ट ने फिलहाल यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है। कोर्ट के इस आदेश के बाद सरप्लस के आधार पर किए जा रहे या प्रस्तावित तबादलों पर फिलहाल रोक जैसी स्थिति बन गई है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि अगले आदेश तक शिक्षक जहां कार्यरत हैं, वहीं बने रहेंगे। राज्य सरकार से मांगा जवाब न्यायमूर्ति अजीत कुमार की एकलपीठ ने नरेंद्र कुमार नंद एवं अन्य की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। कोर्ट ने मामले में राज्य सरकार को जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद होगी। याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ललित किशोर और अधिवक्ता मृत्युंजय कुमार ने अदालत में पक्ष रखा। सुनवाई के दौरान अधिवक्ताओं ने शिक्षकों के स्थानांतरण की प्रक्रिया को लेकर कई सवाल उठाए। सरप्लस के नाम पर तबादले में विसंगतियों का आरोप याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ताओं ने अदालत को बताया कि सरप्लस शिक्षकों की पहचान और उनके स्थानांतरण की प्रक्रिया में कई तरह की विसंगतियां सामने आ रही हैं। इसके कारण बड़ी संख्या में शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं और उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दलील में यह भी कहा गया कि स्थानांतरण के लिए अपनाई जा रही व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल हैं। शिक्षकों के स्थानांतरण की प्रक्रिया में पारदर्शिता और नियमों के पालन को लेकर उठाए गए इन सवालों पर अदालत ने मामले की सुनवाई की। वर्तमान पदस्थापन पर बने रहेंगे शिक्षक दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने मामले में फिलहाल ‘स्टेटस को’ बनाए रखने का निर्देश दिया। इसका सीधा असर सरप्लस के आधार पर होने वाले शिक्षकों के स्थानांतरण और पदस्थापन पर पड़ेगा। कोर्ट के अगले आदेश तक संबंधित शिक्षक अपने वर्तमान कार्यस्थल पर ही कार्यरत रहेंगे। यानी जिन शिक्षकों के तबादले की प्रक्रिया सरप्लस के आधार पर चल रही थी, उन्हें फिलहाल नए स्थान पर योगदान देने की जरूरत नहीं होगी। अब राज्य सरकार को कोर्ट के समक्ष अपना जवाबी हलफनामा दाखिल करना है। चार सप्ताह बाद होने वाली अगली सुनवाई में सरकार का पक्ष और पूरे मामले में आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

Spread the love

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles